
राजपुर। महाशिवरात्रि के अवसर पर सबसे प्राचीन मंदिर कोठीपत्थल ओकरा ओंकारेश्वर मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।ओंकारेश्वर मंदिर समिति द्वारा महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर व्यापक तैयारियां की है।

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजपुर से सटे कोठीपत्थल ओकरा के ओम्कारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।दो दिनों तक चलने वाले इस महाशिवरात्रि पर्व पर मंगलवार 25 फरवरी को ओम्कारेश्वर मंदिर से विशाल कलश यात्रा निकाली गई तत्पश्चात दोपहर से ही चौबीस घंटों की अखंड कीर्तन हरे राम हरे राम,राम राम हरे हरे का कीर्तन किया जाएगा,जिसमे सम्पूर्ण रामचरित मानस पाठ किया जाएगा।वहीँ 26 फरवरी बुधवार को सायं सात बजे भगवान भोलेनाथ नाथ का रुद्राभिषेक किया जाएगा।इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में ही दोपहर तीन बजे से भव्य जगराता का आयोजन किया जाएगा। 26 फरवरी को सुबह से ही अखंड भण्डारा का आयोजन किया जाएगा जिसके पश्चात 27 फरवरी गुरुवार को हवन पूर्णाहुति के पश्चात कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर ओम्कारेश्वर मंदिर समिति द्वारा व्यापक तैयारी की है।भक्तों को पूजा अर्चना करने में कोई बाधा उत्पन्न न हो इसके लिए भी पूरी तैयारी की गई है।वहीँ यातायात व अन्य व्यवस्था के लिए राजपुर पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद होंगे ताकि ओम्कारेश्वर मंदिर में पुजा अर्चना करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई न हो।

आपको बताते चलें कि कोठीपत्थल ओकरा में प्राचीन शिवलिंग मौजूद हैं वहाँ जितने भी खुदाई हुए किसी न किसी भगवान की मूर्ति निकली है।मान्यता है कि यहाँ जो भी श्रद्धालु पूरे मन से जो भी मन्नतें मांगते हैं वो जरूर पूरी होती है।शिवरात्रि के अलावे भी प्रतिदिन दूर दराज से श्रद्धालुगण यहाँ पुजा अर्चना करने पहुँचते है।महाशिवरात्रि में अवसर पर यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना होता है।


