
बलरामपुर। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था, जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति एवं सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर संबंधित विभागों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव, अपर कलेक्टर आर.एन. पाण्डेय, समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
गणेश उत्सव एवं विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पंडाल स्थलों पर सघन निगरानी रखने के निर्देश दिए, जिससे भीड़ की स्थिति प्रभावी रूप से नियंत्रित रह सके। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारियों से शांति समिति की बैठकों की जानकारी ली और कहा कि विसर्जन यथासंभव सूर्यास्त से पूर्व सुनिश्चित किया जाए।

विसर्जन स्थलों पर राजस्व एवं पुलिस अमले की मॉनिटरिंग के साथ गोताखोरों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो। स्वयंसेवकों तथा पंडाल समितियों के पदाधिकारियों के संपर्क नम्बर संधारित रखने और विसर्जन के उपरांत जल स्रोतों की सफाई कराने का दायित्व नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सौंपा गया।
पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव ने निरंतर गश्त, सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने तथा राजस्व एवं पुलिस अमले के मध्य बेहतर समन्वय पर बल दिया।एनकॉर्ड समिति की बैठक में जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में अवैध शराब, गांजा तथा प्रतिबंधित मादक पदार्थों के व्यापार, परिवहन एवं विक्रय पर अंकुश लगाने की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशा एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि संपूर्ण परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें। उन्होंने पुलिस एवं आबकारी विभाग को ‘‘जीरो टॉलरेंस’’ नीति अपनाते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों तथा संदिग्ध ठिकानों पर सतत चेकिंग एवं संयुक्त छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए।

ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल स्टोर्स के नियमित निरीक्षण का दायित्व देते हुए कहा गया कि चिकित्सकीय पर्चे के बिना नशीली अथवा प्रतिबंधित दवाओं का विक्रय करने वालों पर कठोर विधिक कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार लाइसेंस निलंबित किए जाएं। शाला, महाविद्यालय एवं कोचिंग संस्थानों के आसपास तंबाकू सहित नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के सहयोग से सेमिनार, रैली और कार्यशाला के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने तथा नशे से प्रभावित व्यक्तियों की काउंसलिंग एवं पुनर्वास व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी तथा ड्रग इंस्पेक्टर सहित समिति के सदस्य शामिल हुए।सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सुरक्षा मानकों के अनुपालन, वाहन जांच, चालकों के प्रशिक्षण एवं सड़क संकेतकों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित वाहन जांच, प्रशिक्षित चालक, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन और आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता अनिवार्य है।
उन्होंने वाहन चालकों तथा आम नागरिकों के मध्य सतत जागरूकता अभियान संचालित करने और सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ आवश्यक उपाय क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।



