
राजपुर(शंकरगढ़)। भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा का सपना देख रहे बलरामपुर जिले के युवाओं के लिए राहत और उत्साह भरी खबर है। सेना भर्ती की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके जिले के 43 अभ्यर्थियों को ‘लक्ष्य शिक्षण संस्थान’ पूरी तरह निशुल्क फिजिकल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने जा रहा है। जनवरी 2027 में प्रस्तावित सेना भर्ती फिजिकल टेस्ट को ध्यान में रखते हुए शासकीय बालक हायर सेकेंडरी स्कूल, शंकरगढ़ के मैदान में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
युद्धस्तर पर तैयार हो रहा रनिंग ट्रैक
मैदान को सेना भर्ती के कड़े मानकों के अनुरूप ढालने के लिए संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव और पूर्व सैनिक मंगलेश्वर यादव खुद ग्राउंड पर पसीना बहा रहे हैं। ट्रैक पर उगी बड़ी घास को हटाने के लिए रासायनिक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे अभ्यर्थियों को एक समतल और सुरक्षित ट्रैक मिल सके। आगामी दो से तीन दिनों में ग्राउंड पूरी तरह तैयार होते ही विधिवत प्रशिक्षण सत्र शुरू कर दिया जाएगा।
संसाधनों के अभाव में नहीं टूटेगा सपना
संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव ने बताया कि लिखित परीक्षा पहला पड़ाव थी, जिसे युवाओं ने पार कर लिया है, असली चुनौती कड़े फिजिकल टेस्ट की होती है। ग्रामीण अंचल के कई प्रतिभावान युवा उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के चलते अंतिम दौर में पिछड़ जाते हैं। इसी को देखते हुए संस्थान ने सभी 43 सफल अभ्यर्थियों को निशुल्क प्रशिक्षित करने का संकल्प लिया है, ताकि शत-प्रतिशत युवा अंतिम चयन सूची में जगह बनाकर सेना की वर्दी पहन सकें।
चार चरणों में होगा कड़ा अभ्यास, रात में भी दौड़ेगी युवा शक्ति
प्रशिक्षण की कमान संभाल रहे पूर्व फौजी मंगलेश्वर यादव एवं अतिथि शिक्षक सुदर्शन यादव अभ्यर्थियों को 1600 मीटर दौड़, बीम (पुल-अप्स), 9 फीट डिच (गड्ढा कूद) और जिग-जैग बैलेंसिंग जैसे सभी तकनीकी इवेंट्स की बारीकियां सिखाएंगे। इसके साथ ही खान-पान, फिटनेस और फौजी अनुशासन का कड़ा पाठ भी पढ़ाया जाएगा।
प्रशिक्षण का शेड्यूल बेहद खास रखा गया है। भर्ती रैलियों में अक्सर मध्य रात्रि के बाद दौड़ कराए जाने के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए, संस्थान ने अभ्यास को चार चरणों सुबह, दोपहर, शाम और रात्रि में विभाजित किया है। रात के समय अभ्यास के लिए मैदान में पर्याप्त फ्लड लाइट्स की व्यवस्था की जा रही है, ताकि अभ्यर्थी हर समय और परिस्थिति के अभ्यस्त हो सकें।



