
बलरामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत आज जिला मुख्यालय बलरामपुर में नवीन शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन हुआ। प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन की आधारशिला रखी।
60 सीटों वाले इस महाविद्यालय का भवन मरियम पारा में आवंटित 2 एकड़ 80 डिसमिल भूमि पर बनेगा। यह पहल जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि नर्सिंग महाविद्यालय बनने से जिले में चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। अब तक यहां के विद्यार्थियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जबकि अब यह अवसर उन्हें अपने ही जिले में मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित युवा सीधे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ेंगे और ग्रामीण व दूरस्थ अंचलों तक बेहतर उपचार पहुंचाने में सहभागी बनेंगे। मंत्री श्री नेताम ने नर्सिंग को मानवता की सेवा का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय जिले की बेटियों और युवाओं को सम्मानजनक रोजगार के साथ समाज सेवा का अवसर भी देगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के निरंतर विस्तार का उल्लेख किया और इस पहल को सेवा संकल्प की भावना का प्रतीक बताया।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि यह महाविद्यालय जिले के युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बनेगा और यहां की बेटियां स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएंगी। उन्होंने बताया कि एनआरएलएम सहित कई आजीविका गतिविधियां संचालित हो रही हैं, फिर भी स्वरोजगार शुरू करने के लिए महिलाओं को प्रायः ऋण और वित्तीय सहायता पर निर्भर रहना पड़ता है। नर्सिंग का प्रशिक्षण जिले की नारी शक्ति को इस निर्भरता से मुक्त कर स्वावलंबी बनाएगा, क्योंकि स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता सदैव बनी रहती है।
कलेक्टर ने कहा कि बड़े शहरों में कामकाजी परिवार बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ रखते हैं। इसलिए इन युवतियों के लिए रोजगार के अवसर केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और नागरिकों से महाविद्यालय का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में सीटों की संख्या 60 से बढ़कर 100, 150 और 200 तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित होकर निकलने वाली बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी, और एक बेटी की शिक्षा दो परिवारों के साथ पूरे समाज के उत्थान का आधार बनती है।

छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 24 अक्टूबर 2025 को भवन निर्माण के लिए 868.35 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी थी। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने 25 फरवरी 2026 को 812.30 लाख की लागत से निर्माण का अनुबंध किया है। इसके तहत कार्य 18 माह में, यानी 25 अगस्त 2027 तक पूरा होना है। डीपीआर के अनुसार भवन दो मंजिला होगा और इसका प्लिंथ एरिया 1287 वर्गमीटर रहेगा। भूमि समतलीकरण के बाद भवन की स्ट्रक्चरल ड्राइंग और डिजाइन भी तैयार हो चुकी है।
महाविद्यालय शुरू होने के बाद बलरामपुर और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को जिला चिकित्सालय में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उन्हें चिकित्सा क्षेत्र का सीधा अनुभव प्राप्त होगा। घर के पास पढ़ाई की सुविधा मिलने से परिवारों का आर्थिक बोझ घटेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति ओमप्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। गौतम सिंह, गोपाल मिश्रा, अजीत सिंह, विजय प्रताप सिंह, श्रीमती स्वर्णलता प्रीतम, मुकेश गुप्ता और एस.एन. चौबे सहित गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग सीएमएचओ डॉ. विजय सिंह व अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। सेवा संकल्प अभियान के तहत शुरू हुई यह पहल जिले की बेटियों के स्वावलंबन और सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव बनेगी।


