
राजपुर (बलरामपुर)। वन सुरक्षा को लेकर वन विभाग की टीम ने देर रात गश्त के दौरान अवैध लकड़ी तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को बेनकाब किया है। वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर आलोक वाजपेयी के निर्देशानुसार और उप वनमण्डलाधिकारी राजपुर के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने 9 सितंबर की रात राजपुर ओंकरा धौरपुर करदोनी मार्ग पर घेराबंदी कर अवैध साल चिरान से भरी टाटा योद्धा गाड़ी को जब्त किया। मौके से मुख्य तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
6.80 लाख रुपये का माल जब्त
9 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे गश्त के दौरान संदिग्ध रूप से जा रहे वाहन टाटा योद्धा (क्रमांक यूपी टी 64 बीटी 3521) को रोककर तलाशी ली गई। जांच में वाहन के भीतर अवैध रूप से लोड 80 नग (1.209 घनमीटर) राष्ट्रीयकृत साल चिरान बरामद हुआ।
वन विभाग ने वाहन सहित लकड़ी को तुरंत जब्त कर लिया। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 6,00,000 रुपये और साल चिरान का मूल्य लगभग 80,000 रुपये आंका गया है। मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 की धारा 3(क), 16 एवं 22, म.प्र. वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5 ,भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1) च एवं 33(1) क, म.प्र. काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम 1984 की धारा 5(ग) वन अधिनियमों के तहत कार्रवाई की गई है।

संगठित तस्कर गिरोह का खुलासा
पूछताछ में गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान अंजय टोप्पो (पिता जयमल टोप्पो, निवासी ग्राम करदोनी, जिला सरगुजा) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लकड़ी चोरी का आदतन अपराधी है और इसके तार कई बड़े लकड़ी माफियाओं से जुड़े हैं।
गिरोह में जंगल से अवैध रूप से पेड़ काटने और चिराई करने वाले लोगों का अलग-अलग नेटवर्क काम करता है। आरोपी ने पटना-शंकरगढ़ क्षेत्र के कैलाश कोड़ाकू, सोनू, अंतू सहित 15 ग्रामीणों से 400 रुपये प्रति नग की दर से कुल 80 नग चौखट की लकड़ी खरीदी थी। इसे वह अपने घर करदोनी ले जाकर आसपास के गांवों में 600 रुपये प्रति नग के हिसाब से खपाने की फिराक में था।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस त्वरित कार्रवाई में परिक्षेत्राधिकारी राजपुर अजय वर्मा, परिक्षेत्र सहायक अमृत प्रताप सिंह, परिसर रक्षक पुनीत कुमार सिंह, वनरक्षक प्रमीट कुमार एक्का, कुंदन पैकरा, राकेश लकड़ा, राजेश कुमार, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, युधिष्ठिर राम, भूपेन्द्र प्रताप सिंह, नीरज कुजूर, सम्मेलाल तथा वाहन चालक जगेश्वर पैंकरा की सराहनीय भूमिका रही।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों और कटाई में लिप्त लोगों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच जारी है और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।



