
बलरामपुर। किसान दिवस पर कृषि विज्ञान केन्द्र में किसानों के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसानों से सीधा संवाद किया गया तथा किसानों को समृद्ध और सुदृढ करने, आर्थिक लाभ में वृद्धि तथा विभागीय योजनाओं के लाभ लेने हेतु जागरूक किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण की व्यवस्था कृषि विज्ञान केन्द्र में किया गया। कार्यक्रम के पश्चात किसान दिवस के अवसर पर कृषकों के लिए एक दिवसीय दलहन एवं तिलहन उत्पादन की उन्नत तकनीक, प्राकृतिक खेती विषय में कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष राम नरेश कुशवाहा, श्री गोपाल कृष्ण मिश्रा वरिष्ठ कार्यकारणी सदस्य एवं गणमान्य नागरिक, श्री विकास मण्डल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। किसान दिवस में आयोजित कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौरव कांत निगम द्वारा कृषि में नवाचार को बढावा देने हेतु दलहन एवं तिलहन फसलों की बढ़ती मांग को देखते हुये कृषकों को उच्च गुणवत्ता युक्त उन्नत किस्म की दलहन एवं तिलहन बीजो का उपयोग तथा वैज्ञानिक विधि से फसल की खेती से होने वाले आर्थिक लाभ एवं उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकि विधि की विस्तृत जानकारी दी गई। फसल की बुआई से लेकर कटाई तक खेती में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रो की भूमिका तथा उनके उपयोग की जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान वर्तमान समय में किसानों द्वारा पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव (जैसे मिट्टी की उर्वरता में कमी, वायु प्रदूषण, लाभकारी जीवाणु का नष्ट होना) की भी जानकारी दी गई।
कृषि वैज्ञानिक श्रीमती आरती कुजूर द्वारा प्राकृतिक खेती के लाभ महत्व एवं सम्भावना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक के अनियंत्रित उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया गया। डॉ. अनुप कुमार पॉल द्वारा (ऑयल पाम) के उत्पादन की उन्नत तकनीकी तथा दलहन एवं तिलहन फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन एवं मृदा परीक्षण हेतु किसानों को जागरूक किया गया।

कृषि वैज्ञानिक देवेन्द्र कुमार द्वारा किसानों को मछली पालन हेतु आधारभूत जानकारी प्रदान किया गया साथ ही इंडियन मेजर कार्प एवं एग्जॉटिक कार्प मछली पालन हेतु तकनीकी जानकारी एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। श्री अनिल कुमार सोनपाकर द्वारा प्राकृतिक खेती के माध्यम से फसल कीट प्रबंधन की जानकारी दी गई। कृषि अधिकारी द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की गई। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ने किसानों को अन्नदाता के रूप मे कार्य करने हेतु सराहना करते हुए कहा कि कृषकों द्वारा निरंतर हमारी कृषि को बढावा दिया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने केंचुआ खाद के उपयोग से मृदा स्वास्थ्य एवं बंजर होते खेत को बचाने हेतु सुझाव, प्राकृतिक खेती में गाय के गोबर एवं गोमूत्र के लाभ एवं उपयोगिता के बारे में कृषकों को सुझाव दिया गया।
इस दौरान कृषको ने कृषि विज्ञान केन्द्र में स्थापित विभिन्न इकाईयों जैसे (मुर्गीपालन इकाई, ग्रीन शेड नेट इकाई, बायो फ्लॉक इकाई, ऑयल पाम इकाई) आदि का भ्रमण किया गया तथा कार्यक्रम के अंत में कृषको को फलदार पौधा का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषक सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।



