
बरियों (बलरामपुर): राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH 343) के निर्माण कार्य में कछुआ गति से चल रहे काम को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा है। निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली अत्यधिक धूल और अधर में लटके काम से परेशान होकर आज ग्रामीणों ने कार्यालय उप-तहसील बरियों पहुँचकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा।
धूल के गुबार से जीना मुहाल, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा :-
सौपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि NH 343 के अंतर्गत बरियों में सड़क निर्माण का कार्य अत्यंत धीमी (कछुआ) गति से किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के लिए मिट्टी और मुरुम तो खोदकर डाल दी गई है, लेकिन समय पर पानी का छिड़काव (वाटरिंग) नहीं किया जा रहा है। इसके कारण पूरे क्षेत्र में चौबीसों घंटे धूल का गुबार उड़ा करता है। हवा और वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली इस अत्यधिक धूल के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों का सांस लेना दूभर हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। सड़क किनारे स्थित दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और मकानों के भीतर धूल की मोटी परतें जम रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार उड़ने वाली धूल के कारण दुकानदारों का व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है। सड़क को खोदकर छोड़ देने से आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ठेकेदार की इस तानाशाही और मनमानी कार्यशैली को लेकर क्षेत्र के नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सौपे गए ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इसे जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। जब तक निर्माण कार्य चल रहा है, तब तक उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए दिन में नियमित रूप से पर्याप्त पानी का छिड़काव (वाटरिंग) सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जनहित में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो 27 मई को सांकेतिक चक्काजाम करने के लिए विवश होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



