
विश्व पर्यावरण दिवस पर जल संरक्षण का संदेश,5 प्रतिशत मॉडल से जल संरक्षण को मिलेगा बढ़वा
बलरामपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले में प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में सार्थक पहल की गई। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत खेतों में 5 प्रतिशत मॉडल बनाकर वर्षा जल संरक्षण का संदेश दिया गया, साथ ही वृक्षारोपण के माध्यम से हरित और सुरक्षित भविष्य का संकल्प भी लिया गया।
जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लुरघुट्टा में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, जनप्रतिनिधियों, जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान किया और 5 प्रतिशत मॉडल का निर्माण किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेतों में 5 प्रतिशत मॉडल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी से संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
तेतरडीह में जिला पंचायत सीईओ ने दिलाई जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण शपथ
इसी प्रकार जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेतरडीह में भी जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों द्वारा निर्मित किए जा रहे 5 प्रतिशत मॉडल का अवलोकन किया तथा जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

सीईओ श्रीमती तोमर ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण भविष्य की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने किसानों से अपने खेतों के किनारे 5 प्रतिशत मॉडल का निर्माण करने का आग्रह किया, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके और भूजल स्तर में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जल और ऑक्सीजन जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं। जल संरक्षण और वृक्षारोपण से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, समृद्ध और स्वस्थ भविष्य का निर्माण संभव है। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं संरक्षण का संकल्प लेने का संदेश दिया।
सीईओ श्रीमती तोमर ने उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना जल संकट जैसी चुनौतियों का स्थायी समाधान संभव नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
इस अवसर पर जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के अध्यक्ष श्री मुद्रिका सिंह ने कहा कि लगातार घटते भूजल स्तर और बढ़ते जल संकट को देखते हुए वर्षा जल का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि आज किया गया वृक्षारोपण और वर्षा जल संचयन आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव साबित होगा।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुनील तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी (रा0) श्री आनंद नेताम, तहसीलदार श्री मनोज पैंकरा, जनपद पंचायत सीईओ श्री रणवीर साय, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी सहायक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिलेभर में मोर गांव मोर पानी अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे जनसहभागिता के साथ अपने खेतों में 5 प्रतिशत मॉडल का निर्माण कर वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण करें तथा जल आत्मनिर्भरता की दिशा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।



