राजपुर/बरियों। राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH-343) पर ग्राम बरियों के समीप स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। निर्माणाधीन और देखरेख के अभाव में यह मुख्य मार्ग पूरी तरह से कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका है, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH-343) पर ग्राम बरियों के समीप निर्माणाधीन मार्ग अब आम जनता और स्कूली बच्चों के लिए आफत का कारण बन गया है। सड़क निर्माण का काम अधूरा रहने और बारिश के कारण पूरी सड़क मिट्टी और पानी से मिलकर भारी दलदल में बदल चुकी है।

हाल ही में सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बारिश के बाद सड़क दलदल जैसी बन चुकी है। स्कूली छात्राएं घुटनों तक भरे कीचड़ और मलबे से होकर गुजरने को मजबूर हैं। जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।वहीँ बाइक सवार और अन्य वाहन चालक फिसलने के डर से जान जोखिम में डालकर जैसे-तैसे रास्ता पार कर रहे हैं।काम में ढिलाई और ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
गैर तलब है कि बघिमा मंदिर से लेकर बरियों तक सड़क निर्माण के दौरान डब्ल्यूएमएम (WMM) की परत नहीं डालकर मिट्टी डाला गया है। बारिश के बाद यह पूरा मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे रोजाना जाम की स्थिति निर्मित रही है और दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं।

भाजपा बरियों मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने बताया कि संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी की मिलीभगत के कारण मानकों की अनदेखी कर रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सड़क निर्माण के दौरान जहां डब्ल्यूएमएम (वेट मिक्स मैकडम) की मजबूत परत डाली जानी चाहिए थी, वहां मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है जिससे बारिश के कारण मिट्टी कीचड़ में बदल गई है। इससे वाहन फंस रहे हैं और लंबा जाम लग रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने मांग की है कि NH-343 के इस हिस्से का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए ताकि लोगों को कीचड़ भरी सड़क से राहत मिल सके।



