
बलरामपुर/शंकरगढ़। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। जिले के प्रतिष्ठित ‘लक्ष्य शिक्षण संस्थान’ के छात्रों ने इस परीक्षा में अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। संस्थान में पूरी तरह निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी 10 छात्रों ने अग्निवीर भर्ती परीक्षा को पास कर भारतीय सेना का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त किया है। रिजल्ट जारी होते ही संस्थान परिसर में जश्न का माहौल है और सफल छात्रों के परिवारों में हर्ष व्याप्त है।
जिला रोजगार अधिकारी ने संस्थान पहुंचकर बढ़ाया हौसला
इस ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही जिला रोजगार कार्यालय अधिकारी दिवाकर टांडियाल तत्काल लक्ष्य शिक्षण संस्थान पहुंचे। उन्होंने सभी सफल नौजवानों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और देश सेवा के मार्ग पर अग्रसर होने के लिए उन्हें बधाई दी। श्री टांडियाल ने संस्थान के संचालक व शिक्षक सुदर्शन यादव का माल्यार्पण कर विशेष रूप से सम्मान किया।इस अवसर पर अपने उद्बोधन में जिला रोजगार कार्यालय अधिकारी दिवाकर टांडियाल ने कहा कि यह पूरे जिले के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। छत्तीसगढ़ का सिरमौर कहे जाने वाले बलरामपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में सुदर्शन यादव के मार्गदर्शन में जो निशुल्क अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण चलाया जा रहा था, आज उसका सर्वश्रेष्ठ परिणाम हमारे सामने है। यहां के 10 ग्रामीण युवाओं ने भारतीय सेना में अपनी जगह बनाई है। शासन की ओर से भविष्य में इन बच्चों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
कठिन परिश्रम और बेहतर अनुशासन से मिली सफलता
संस्थान के संचालक श्री सुदर्शन यादव ने इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय बच्चों की कड़ी मेहनत जो सुबह 5:00 से लेकर रात्रि 10:00 बजे तक लगातार कठिन परिश्रम कर हासिल किया है इन्हें सुबह 5:00 से 7:00 तक ग्राउंड में फिजिकल कराया जाता था फिर सुबह 10:00 बजे से 3:00 बजे तक लिखित परीक्षा की तैयारी फिर शाम को फिजिकल फिर रात्रि 7:00 बजे से 10:00 तक लिखित परीक्षा की तैयारी कराई जाती थी जिनमें यह सभी बच्चों ने पूरी ऊर्जा के साथ मेहनत किया और आज सभी सफल हैं । उन्होंने जिला रोजगार कार्यालय अधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये सभी छात्र अत्यंत कठिन परिश्रम, कड़े अनुशासन और नियमित अध्ययन के बल पर सफल हुए हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि आने वाले समय में इस वनांचल क्षेत्र से और भी अधिक संख्या में बच्चों को तैयार कर भारतीय सेना में भेजा जाएगा।
इन होनहारों ने बढ़ाया जिले का मान :-
लक्ष्य शिक्षण संस्थान से निशुल्क तैयारी कर देश सेवा का सपना पूरा करने वाले सफल छात्रों में पिंकू पैकरा (पिता: श्री राधेश्याम, ग्राम: जारगीम) देवनंदन पन्ना (पिता: श्री महेश पन्ना, ग्राम: जरहाड़ी) विवेक पैकरा (पिता: श्री श्यामदेव पैकरा, ग्राम: कोरंधा) छटूराम (पिता: श्री रतन राम, ग्राम: जम्होर) रंजीत करकेटा (पिता: श्री मनोज करकेटा, स्थान: राजपुर) नरेंद्र यादव (पिता: श्री बंशीधर यादव) मिथिलेश पैकरा (पिता: श्री सूबेदार पैकरा, ग्राम: सरनाडीह) विकास खलखो (पिता: श्री राम लखन राम, ग्राम: करकली) खेलसाय पैकरा (पिता: श्री रज्जू राम, ग्राम: चिरई) तथा हिंमाशु तिर्की (पिता: श्री सुरेश तिर्की, स्थान: राजपुर) है।
निशुल्क सुविधाओं ने दी सपनों को उड़ान :-
गौरतलब है कि लक्ष्य शिक्षण संस्थान की ओर से इन सभी होनहार और जरूरतमंद छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए पूरी तरह निशुल्क कोचिंग प्रदान की गई थी। शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के रहने और खाने-पीने की संपूर्ण व्यवस्था भी संस्थान द्वारा बिल्कुल मुफ्त की गई थी, ताकि आर्थिक तंगी इन युवाओं के सपनों के आड़े न आए।इस गौरवमयी सफलता पर लक्ष्य शिक्षण संस्थान परिवार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सभी चयनित अग्निवीरों को अपनी हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।



