
बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव हैं आंगनबाड़ी केंद्र, जिम्मेदारी से निभाएं दायित्व- कलेक्टर
बलरामपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों बच्चों को बेहतर पोषण और बेहतर प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने ग्राम कोठिखाड़ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता और शिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सीखने की गुणवत्ता का जायजा लिया।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत बच्चों की संख्या एवं उनकी उपस्थिति की जानकारी ली तथा बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में नियमित उपस्थिति बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी सहायिका से बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पूरक पोषण आहार एवं खाद्यान्न सामग्री, विशेष रूप से रेडी-टू-ईट का अवलोकन किया। उन्होंने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएं।
केंद्र में मौजूद बच्चों के बीच पहुंचकर कलेक्टर ने सहज और आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से विभिन्न फलों एवं सब्जियों के नाम पूछे और उनकी सीखने एवं समझने की क्षमता का आकलन किया। इस दौरान पूर्णिमा, पंकज एवं कृति ने आत्मविश्वास के साथ सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिए, जिसकी कलेक्टर ने सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने आंगनबाड़ी सहायिका को निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों को खेल-खेल में रोचक, गतिविधि आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को चित्रों, वास्तविक फलों-सब्जियों तथा गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से नियमित रूप से जानकारी दें। उन्होंने कहा कि केवल एक-दो नहीं, बल्कि केंद्र का हर बच्चा सामान्य जानकारियां आत्मविश्वास के साथ बता सके, इसके लिए बच्चों के साथ प्रतिदिन रोचक एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण गतिविधियां आयोजित करें, ताकि सभी बच्चों का बौद्धिक विकास समान रूप से हो और उनमें सीखने की रुचि बढ़े।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान केंद्र में संचालित व्यवस्थाओं में पाई गई कमियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आंगनबाड़ी सहायिका को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण, शिक्षा एवं देखभाल से जुड़े दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। इसलिए केंद्रों में शिक्षा, पोषण एवं अन्य सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों, जिससे प्रत्येक बच्चे को बेहतर प्रारंभिक विकास का अवसर मिल सके।


