
राजपुर। प्रेमी द्वारा शादी से इनकार करने के बाद लोक लिहाज में डर से गर्भवती युवती ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।पुलिस ने मृतिका की सुसाइड नोट एवं वाट्सअप चैटिंग के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच कर घटना स्थल निरीक्षण शव पंचनामा कार्यवाही दौरान घटना स्थल पर मृतिका मुनेश्वरी टेकाम के द्वारा लिखा गया सुसाईड नोट मिला जिसमें मृतिका लिखी है कि जय प्रकाश के कारण मर रही हूँ उसी के तरफ से गर्भवती हूँ तथा घटना स्थल पर ही मृतिका का मोबाईल मिला जिसका अवलोकन किया गया तो पाया गया कि मृतिका अपने मोबाईल से जय प्रकाश के मोबाईल नम्बर वाट्सअप चेटिंग की गई है जिसमें बार-बार लिखी है मैं तुमसें बहुत प्यार करती हूँ और तुम किसी और लड़की से बातचीत करते हो।

मृतिका के सुसाईड नोट को परिजनों द्वारा मृतिका द्वारा लिखा जाना बताये जाने एवं शव का पीएम रिपोर्ट में मृतिका को गर्भवती होना पाया गया। मृतिका के परिजनों व गवाहों से पूछताछ में पाया गया कि मृतिका किसी लड़के से बहुत बातचीत करती थी जिससे पूछने पर कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं थी एवं घटना के पूर्व अपने बड़ी दीदी को फोन करके स्वंय का ईलाज कराने की बात बोली थी।घटना पश्चात मृतिका के परिजन द्वारा अपने स्तर में मृतिका के मृत्यु के संबंध में जानकारी प्राप्त किया। जय प्रकाश मृतिका मुनेश्वरी से प्रेम करता था जिससे गर्भवती हो गई थी किन्तु जय प्रकाश मृतिका के गर्भ के बच्चे को अपना होना नहीं बोल रहा था और शादी से इंकार करता था जिससे मृतिका मुनेश्वरी बहुत ज्यादा मानसिक रूप से परेशान व चितिंत रहती थी और जयप्रकाश के द्वारा शादी से इंकार से व गर्भवती होने से व शादी से इंकार करने से बहुत ज्यादा प्रताड़ित थी। सामाजिक लोक लाज के भय से मृतिका फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।पुलिस ने धारा 108 बीएनएस के तहत आरोपी जय प्रकाश के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी इम्मानुएल लकड़ा के नेतृत्व में थाना प्रभारी राजपुर कुमार चंदन सिंह के निर्देश पर टीम रवाना होकर आरोपी जय प्रकश कौशिक उर्फ पिन्टू पिता चंदन कौशिक जाति गोड़ उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम पतरापारा थाना राजपुर को घेराबंदी कर गिरफ्तार न्यायिक रिमाण्ड पर न्यायालय में पेश किया गया।
कार्यवाही में निरीक्षक कुमार चंदन सिंह, उप निरीक्षक दिनेश राजवाडे, प्रधान आरक्षक रिकु गुप्ता, प्र. आर. राजेन्द्र ध्रुव, आरक्षक अमृत सिंह एवं अन्य स्टाफ योगदान रहा।



