November 3, 2026 |

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जिले को मिले पांच नवीन धान उपार्जन केंद्र,किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 तथा आगामी वर्षों के लिए प्रदेश में 354 नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति प्रदान की है।

इनमें बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पांच केंद्र शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम सिहार, राजपुर के परसागुड़ी, बलरामपुर के लिलौटी तथा रामचंद्रपुर विकासखंड के चेरा एवं पचावल में नवीन उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे दूरस्थ अंचलों के कृषकों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी तथा परिवहन व्यय एवं समय दोनों की बचत होगी।


शासन ने केंद्रों की स्थापना के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी दिए हैं। जहां मंडी अथवा उपमंडी प्रांगण उपलब्ध हैं, वहां उन्हीं का उपयोग किया जाएगा, शेष स्थानों पर पर्याप्त समतल एवं ऊंची भूमि का चयन किया जाएगा, ताकि धान का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक केंद्र में कंप्यूटर सेट, दो प्रिंटर, यूपीएस एवं जनरेटर की व्यवस्था विपणन संघ द्वारा की जाएगी, वहीं किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु फिंगरप्रिंट तथा आईरिस डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी। समितियों द्वारा आर्द्रतामापी यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र, पॉलिथीन कव्हर एवं डनेज सामग्री जुटाई जाएगी तथा केंद्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत, प्रकाश एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था रहेगी। इन केंद्रों की मैपिंग भारत सरकार के पीसीएसएपी पोर्टल में की जाएगी और संबद्ध ग्रामों का निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा।


शासन की इस पहल को किसान हितैषी बताते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि नवीन उपार्जन केंद्रों से अन्नदाताओं को उनकी उपज का उचित मूल्य सुगमता से प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा स्थानों का चिह्नांकन कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा में उपार्जन केंद्र स्थापित कर दिए जाएंगे, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कृषक बंधुओं से मेहनत और लगन के साथ बेहतर कृषि कार्य पर ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से धान का विक्रय कर कृषक आर्थिक तरक्की की ओर अग्रसर हो सकेंगे।

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