November 6, 2026 |

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भरी दोपहरी में कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने नापा खेत,मानसून से पहले परखी जल संरक्षण की तैयारियां

बलरामपुर। आगामी मानसून से पहले जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की जमीनी हकीकत जानने कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए कलेक्टर ने मनरेगा अंतर्गत निर्मित मिट्टी बांध तक पहुंचकर जल संरक्षण संरचनाओं का स्थल पर अवलोकन किया। उन्होंने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जाना। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर मौजूद रही।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की आवश्यकता है। जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मानसून प्रारंभ होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखे, ताकि बारिश का अधिकतम पानी संरक्षित किया जा सके।

कलेक्टर ने मोर गांव मोर पानी अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर एवं सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है। इससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाए और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ें।

गौरतलब है कि चम्पापुर में मनरेगा अंतर्गत निर्मित मिट्टी बांध संरचना से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण करीब 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इससे ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों एवं चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जल संरक्षण की ये संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की मजबूत आधारशिला बन रही हैं।

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