जिस मुगलीन क्षेत्र में आया त्रिशूली और गंडकी नदी का सैलाब, उसी रास्ते से 24 अगस्त को गुजरा था दल,शासन ने थानों से मांगी यात्रियों की सूची
राजपुर। नेपाल में 26 अगस्त की सुबह तिब्बत की पहाड़ियों में ग्लेशियर टूटने से मची भीषण तबाही के बीच बलरामपुर जिले के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राजपुर थाना क्षेत्र के 8 यात्री इस प्राकृतिक आपदा से ठीक दो दिन पहले 24 अगस्त को सुरक्षित अपने घर लौट आए थे। नेपाल में मचे हाहाकार और जन-धन के भारी नुकसान की सूचना मिलने के बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने ईश्वर का आभार जताया है।
त्रासदी से कुछ घंटे पहले उसी मार्ग पर थे यात्री
यात्रियों ने अपने भयावह अनुभव साझा करते हुए बताया कि यात्रा के दौरान वे त्रिशूली नदी के किनारे स्थित मुगलीन कस्बे में रुके थे और वहीं भोजन किया था। जिस त्रिशूली और गंडकी नदी क्षेत्र से वे सुरक्षित गुजरे, अगले ही दिन वहां सैलाब और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। यात्रियों का कहना है कि जिस स्थान पर वे कुछ समय पहले मौजूद थे, वहां के विनाशकारी दृश्यों को देखकर वे सिहर उठे। इस सुरक्षित वापसी को पूरा परिवार किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा है।
राजपुर क्षेत्र के सभी 8 यात्री नीरज तिवारी राहुल गुप्ता आसीम खलखो बबलू सिंह हेमंत यादव घनश्याम यादव राजकुमार आपदा आने से ठीक 48 घंटे पहले 24 अगस्त को घर पहुंचे। मुगलीन और त्रिशूली नदी क्षेत्र, जहां यात्रियों ने पड़ाव डाला था, आपदा में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य शासन के निर्देश पर सभी थानों से नेपाल यात्रा पर गए नागरिकों का विवरण जुटाया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन अब सीमावर्ती क्षेत्रों और सभी थाना स्तरों से नेपाल गए अन्य नागरिकों की जानकारी एकत्रित कर शासन को भेज रहा है, जिससे फंसे हुए नागरिकों और उनके परिजनों से तत्काल संपर्क साधा जा सके।



