
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कर्रा प्रवास के दौरान शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकरगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान विद्यालय के नवीन भवन निर्माण तथा विद्या मितान (अतिथि शिक्षकों) के नियमितीकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।
कलेक्टर श्रीमती संजीवा चंदन त्रिपाठी एवं सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में विद्यालय के प्राचार्य सुशील कुमार एक्का, अतिथि शिक्षक सुदर्शन यादव और सहायक शिक्षक (विज्ञान) अमितेश यादव ने मुख्यमंत्री से भेंट कर प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया।
जर्जर भवन की समस्या से कराया अवगत
प्रतिनिधिमंडल की ओर से अतिथि शिक्षक सुदर्शन यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि शंकरगढ़ का बालक हायर सेकेंडरी स्कूल भवन वर्ष 1983 का बना हुआ है और वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुका है। विद्यालय में 520 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन भवन की दयनीय स्थिति के कारण वहां कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। वर्तमान में अतिरिक्त कक्षों और माध्यमिक शाला के कमरों का उपयोग करते हुए दो पालियों में स्कूल चलाया जा रहा है, जिससे अध्यापन कार्य में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द ही नवीन विद्यालय भवन की स्वीकृति प्रदान करने का ठोस आश्वासन दिया।

विद्या मितान के नियमितीकरण पर दिया भरोसा
मुलाकात के दौरान अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश भर में 1500 से अधिक विद्या मितान पिछले 11 वर्षों से निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और ‘मोदी की गारंटी’ के तहत नियमितीकरण की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आश्वस्त करते हुए कहा कि अतिथि शिक्षकों का मामला शासन के संज्ञान में है और सरकार जल्द ही उनके हित में जो भी बेहतर होगा, उचित निर्णय लेगी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सुशील कुमार एक्का, अतिथि शिक्षक सुदर्शन यादव, सहायक शिक्षक अमितेश यादव, अतिथि शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अमित सिन्हा, वीरेंद्र यादव तथा विश्वास मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



