
बलरामपुर/राजपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड स्थित ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नौवीं-दसवीं शताब्दी के ऐतिहासिक व प्राकृतिक बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर पूरे प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और सर्वांगीण विकास की कामना की।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में जनसुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त ‘मंगल भवन’ निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की असीम कृपा से समूचा क्षेत्र निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर रहेगा और राज्य सरकार स्थानीय विकास कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता देगी।
धार्मिक पर्यटन और शक्तिपीठों का विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों को आपस में जोड़कर एक भव्य धार्मिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इस पहल से न केवल श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन, आजीविका और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

रामलला व तीर्थ दर्शन योजनाओं से लाखों श्रद्धालु लाभान्वित
धार्मिक आस्था और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा किरामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश के लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थ दर्शन योजना देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए यह योजना शुरू की गई है, जिससे अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं।
बस्तर में शांति और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर संभाग को नक्सलवाद से मुक्त कराने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई है। दशकों से हिंसा प्रभावित रहे सुदूर अंचलों में अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हो चुकी है। राज्य के अंतिम छोर तक सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, शिक्षा और बेहतर संचार तंत्र का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

लगाया ‘एक पेड़ मां के नाम’
मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत अपनी माता जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। वहीं संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बेल का पौधा लगाकर जन-जन से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
बाबा कर्मेश्वर धाम का ऐतिहासिक महत्व
ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम सदियों से जन-आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। मान्यता है कि नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल से प्राकृतिक शिवलिंग प्रकट हुआ था। वर्षा की कामना और क्षेत्र की सुख-शांति से जुड़ी अनेक लोक परंपराएं इस धाम से जुड़ी हैं, जिसका वर्तमान में जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
इस धार्मिक व विकास परक कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय,सामरी विधायक श्रीमती उद्भेस्वरी पैकरा, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल महामंत्री संजय सिंह आचार्य दिव्यानंद महाराज, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।


