
राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उफिया के आश्रित ग्राम माकड़ से जिगड़ी को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग में कोदो कुमनी नाला के पास बनाये गए अप्रोच सड़क बह जाने से ग्रामीणों का मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है।ग्रामीणों नाले के बहते पानी मे जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर हैं।
मामला राजपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उफ़िया के आश्रित ग्राम माकड़ की है।करीब 500 ग्रामीणों का यह बस्ती मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। जिगड़ी-माकड़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित कोदो कुमनी नाला पिछले तीन दिनों से तेज बारिश के कारण पानी की बहाव के साथ उफान पर है। नाले पर बनाये गए रपटा पुल बह जाने से ग्रामीणों का मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया। निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से ग्रामीण कमर भर पानी में डंडे के सहारे नाला पार करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों के अनुसार माकड़ गांव राजपुर मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है। हर वर्ष बरसात में इस नाले का जलस्तर बढ़ने से आवागमन प्रभावित होता है, लेकिन इस बार निर्माणाधीन पुल के कारण बनाई गई अस्थायी रपटा पुलिया भी बह गई है। इससे बैंक, अस्पताल, तहसील, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए गांव का सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
जानकारी के अनुसार जिगड़ी-माकड़ पहुंच मार्ग पर कोदो कुमनी नाला पर 80 मीटर लंबे उच्चस्तरीय पुल लगभग 539.81 लाख रुपये की लागत से कराई जा रही है। प्रशासकीय स्वीकृति 25 जुलाई 2025 को मिली थी। निर्माण कार्य का आदेश 2 मार्च 2026 को दिया गया, जबकि कार्य पूर्ण करने की तिथि 31 जनवरी 2027 निर्धारित है। कार्य लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग अंबिकापुर के अधीन कराया जा रहा है।

गांव के लोगो ने बताया कि बरसात के दिनों में मुख्यालय जाने का एकमात्र रास्ता यही नाला है। पानी में उतरने से पहले डंडे से नीचे गड्ढे और पत्थरों का अंदाजा लगाना पड़ता है। कमर तक पानी में जान जोखिम में डालकर नाला पार करना मजबूरी बन गई है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूध, सब्जी, स्कूल,अस्पताल और दवाइयां लाने के लिए ग्रामीणों को बाइक कंधे पर उठाकर नाला पार करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने के बावजूद विभाग और ठेकेदार ने निर्माण अवधि में सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की। यदि अस्थायी मार्ग या मजबूत डायवर्जन बनाया जाता तो गांव का संपर्क नहीं टूटता।
मामले को लेकर भाजपा मंडल महामंत्री संतोष तिवारी ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह मौके पर पहुंचने पर पाया कि आवागमन का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था और अप्रोच मार्ग पूरी तरह बह चुका है। उन्होंने कहा कि एक बीमार मरीज को लेने राजपुर से एंबुलेंस पहुंची थी, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण उसे वापस लौटना पड़ा। इस संबंध में सेतु विभाग के इंजीनियर से चर्चा करने पर जल्द मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन देर शाम तक कोई कार्य नहीं हुआ। उन्होंने विभाग से तत्काल सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था और पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है।
आपके माध्यम से जानकारी मिली है किस विभाग से पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है वहाँ की वस्तुस्थिति क्या है इसकी जानकारी लेकर देखवाती हूँ।
श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी कलेक्टर बलरामपुर



