
राजपुर। स्थानीय महामाया मंदिर प्रांगण में नगरवासियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंदिर परिसर के समग्र विकास, नए मंदिरों के निर्माण तथा प्राचीन देवस्थलों के जीर्णोद्धार को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सभी कार्यों को योजनाबद्ध और सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से ‘महामाया मंदिर नवनिर्माण समिति’ का गठन किया गया, जिसमें जनपद उपाध्यक्ष आकाश अग्रवाल को सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
परिसर में होगा नए मंदिरों का निर्माण व जीर्णोद्धार
बैठक में निर्णय लिया गया कि महामाया मंदिर परिसर में भगवान शिव, नवग्रह, राधा-कृष्ण एवं संकटमोचन हनुमान जी के नवीन मंदिरों का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही परिसर में पूर्व से स्थापित देवस्थलों का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। निर्माण कार्यों को भव्य व शास्त्रसम्मत स्वरूप देने के लिए वास्तुविदों (आर्किटेक्ट) से संपर्क कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।
धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर
उपस्थित नगरवासियों ने कहा कि महामाया मंदिर क्षेत्र की गहरी आस्था का केंद्र है। इसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष आकाश अग्रवाल ने जिम्मेदारी मिलने पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नगरवासियों के सहयोग से जल्द ही पूर्ण कार्यकारिणी का विस्तार कर निर्माण व विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मंदिर के पुजारी राघवेंद्र पांडेय, राजेंद्र तिवारी, विनोद अग्रवाल, संतोष सिंह, नरेश अग्रवाल, सतीश जायसवाल, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, पूरनचंद जायसवाल, राजकुमार सोनी, राजेश यादव, महेंद्र गुप्ता, विद्यानंद दुबे, डॉ. बी.एन. द्विवेदी, प्रमोद ठाकुर, विकास अम्बष्ट, राजेश पाण्डेय, बजरंग अग्रवाल, पंकज गुप्ता, राहुल गुप्ता, अंकुर सोनी, मुन्ना गुप्ता और डब्लू केशरी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।



