
बलरामपुर। जिले में स्थित लुतिया डैम आधी रात में टूटने से दो मकान पूरी तरीके से बाढ़ में बह गए और दोनों मकान में सोए हुए लोग भी बह गए।इस घटना में एक ही परिवार के 7 लोग बह गए जिसमें 4 शव की बरामदगी कर ली गई है और बाकियों की तलाश जारी है।घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

बलरामपुर जिले के तातापानी पुलिस चौकी क्षेत्र में स्थित लुतिया डैम आधी रात में टूट गया जिसकी वजह से दो मकान पूरी तरीके से बाढ़ में बह गए, दोनों मकान में लोग सोए हुए थे।इस घटना में 7 लोग बह गए जहाँ 4 लोगों के शव की बरामदगी मर ली गई है जबकि बाकियों की तलाश जारी है। इस घटना में डैम के नीचे बसे दो घर बहकर हुए पूरी तरह तबाह हो गई और कई मवेशियों की मौत और कई लापता हैं।हादसा रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी एवँ अन्य अधिकारी सहित NDRF और प्रशासन की टीम राहत बचाव कार्य में जुटी है।वहीँ लापता लोगो को ढूढने अभी भी रेस्क्यू अभियान जारी है।

जिले में लगातार तेज बारिश होने के कारण लुतिया डेम रात 10 बजे के करीब टूट गया।लगातार तेज बारिश होने के कारण पहाड़ का पानी बांध में आ रहा था और उसके बाद बांध लबालब भर गया और देखते ही देखते पूरा बांध टूट गया लेकिन इस दौरान पहले से यहां पर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था और न ही जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए थे। यही वजह है कि यहां पर मकान बनाकर रह रहे दो परिवार के लोग गहरी नींद में जब सोए हुए थे तब बांध टूटने की वजह से आने वाले बाढ़ में वे बह गए, घर का नामोनिशान मिट गया और फसलें भी तबाह हो गई है।

घटना की जानकारी मिलने पर देर रात 3 बजे के करीब कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और उन्होंने रेस्क्यू टीम के माध्यम से दो लोगों की लाश को मौके से बरामद किया। तीन लोगों को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं सुबह एक व्यक्ति का और लाश मिला है। अब तक कुल चार लोगों का लाश बरामद किया जा चुका है एवँ अभी तीन लोग लापता है और उनकी तलाश एसडीआरएफ की टीम के द्वारा किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने दिया था डैम में रिसाव होने की जानकारी :-
डैम टूटने से आई बाढ़ में कई मवेशी भी बह गए हैं. दूसरी तरफ स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से डेम में रिसाव हो रहा था, लेकिन इसके बाद भी जल संसाधन विभाग के अधिकारी इसका मरम्मत नहीं कर रहे थे जबकि इस साल लगातार पिछले दो महीना से अत्यधिक बारिश हो रही है उसके बावजूद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने यहां पर पहले से कोई अलर्ट जारी नहीं किया था और न ही मुनादी कराया था अगर ऐसा किया गया होता तो लोगों की जान नहीं गई होती।

40-50 साल पुराने डैम का निर्माण पहाड़ी के नीचे किया गया है लेकिन जल संसाधन विभाग के अधिकारी वास्तविक रूप से इस डैम का मरम्मत नहीं कर रहे थे सिर्फ कागजों में ही हर साल मरम्मत किया जाता था। यही वजह है कि इस साल डेम तेज बारिश के बीच बह गया।



