
राजपुर। नागरीय निकाय चुनाव निपटने के बाद अब नगर पंचायत में उपाध्यक्ष का चुनाव होना है परंतु अभी तक शासन से नगर पंचायत में गठन हेतु कोई तिथि नही आई है।जैसे जैसे समय बीत रहा है वैसे वैसे नगर पंचायत में उपाध्यक्ष के लिए जोड़ तोड़ तेज होते जा रहा है।
नागरीय चुनाव हुए लगभग 10 दिनों से ज्यादा हो गए हैं परंतु अब तक नगर पंचायत गठन हेतु कोई आदेश जारी नही हुआ है। ऐसे में नगर पंचायत उपाध्यक्ष के चयन हेतु पार्षदों के पास पर्याप्त समय है।राजपुर नगर पंचायत में भाजपा अपने पुर्ण बहुमत में है और उपाध्यक्ष का नाम भी लगभग फाइनल स्थिति में है।परंतु उपाध्यक्ष के दौड़ में निर्दलीय पार्षदों ने भी अब अपनी जोड़ तोड़ शुरू कर दिए हैं। इस चुनाव में कांग्रेस से जहाँ तीन पार्षद जीत कर आये हैं वहीँ तीन निर्दलीय पार्षदों ने भी बाजी मारी है।ऐसे में यदि निर्दलीय व कांग्रेस के पार्षद आपस मे मिल जाते हैं तो छः पार्षद ही हो पा रहे हैं और उपाध्यक्ष के लिए उन्हें कम से कम आठ पार्षदों की जरूरत होगी।ऐसे में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि निर्दलीय पार्षदों में से भी उपाध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकते हैं।जबकि भाजपा के पास नौ पार्षद एवं एक अध्यक्ष कुल मिलाकर 10 की संख्या है।अब ऐसे में निर्दलीय पार्षद के लिए उपाध्यक्ष पद के लिए दो ही पार्षदों की जरूरत होगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुर्व में भाजपा से चुनाव लड़कर पार्षद बने इस बार भाजपा से टिकट नही मिल पाने के कारण राजन त्रिपाठी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पार्षद लड़ा और जीत कर भी आये।वहीँ पिछले बार निर्दलीय पार्षद रहे विश्वास गुप्ता इस बार भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पार्षद जीते हैं और उपाध्यक्ष के दौड़ में ये दोनों नाम सामने आ रहे हैं।ऐसे में उन्हें भाजपा के पार्षदों को अपने तरफ लाना होगा तभी यह सम्भव हो सकेगा।अब आगे देखना यह होगा कि क्या निर्दलीय पार्षद भाजपा पार्षदों में सेंध लगा पाते हैं या फिर भाजपा के सभी पार्षद तटस्थ रहकर भाजपा के उपाध्यक्ष बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।



