
बलरामपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अल-नीनो के संभावित प्रभाव वाले राज्यों एवं जिलों की तैयारियों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में जिले से कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी सहित कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े। इस दौरान संभावित कम वर्षा की स्थिति में किसानों के फसल सुरक्षा एवं प्रबंधन तथा वैकल्पिक कृषि रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मानसून कमजोर रहने की आशंका को देखते हुए कम वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। किसानों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने, दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबे में वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता तथा फसल बीमा के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान कम अवधि वाली धान की किस्मों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहनी एवं तिलहनी फसलों को अंतरवर्तीय फसल के रूप में अपनाने तथा किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई। बैठक में बताया गया कि अल-नीनो की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए कम अवधि वाली एवं कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों पर विशेष फोकस करें।
इस दौरान सभी संभावित जिलों को अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने, किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा कृषि विभाग के माध्यम से आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों के फसलो की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



