विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति विवाद को लेकर जिला अपर कलेक्टर न्यायालय में हुई सुनवाई,,,11 दिसंबर को मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने की तारीख तय…

बलरामपुर/राजपुर। विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति विवाद मामले में आज हुई बलरामपुर में अहम सुनवाई, हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जिला अपर कलेक्टर न्यायालय में हुई सुनवाई।आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुँचे।
प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाती प्रमाण पत्र को लेकर विवाद बेहद गर्मा गया है। विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र के मामले में बलरामपुर जिला अपर कलेक्टर के न्यायालय में सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान शकुंतला पोर्ते के वकील ने जाती प्रमाण पत्र के दस्तावेज प्रस्तुत किया है जिसके बाद बलरामपुर जिला अपर कलेक्टर के न्यायालय में मूल दस्तावेज की प्रति प्रस्तुत करने के लिए 11 दिसंबर 2025 की अगली तारीख तय की गई है। वही इस दौरान बलरामपुर कलेक्ट्रेट के बाहर भारी गहमा गहमी रही। आवेदक पक्ष के भारी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने धरना देकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

गैरतलब है कि 2001-02 की दायरा पंजी में दर्ज जाति प्रमाण पत्र रिकॉर्ड में मिला, एसडीएम वाड्रफनगर के आदेश से दस्तावेज सामने आया है।वहीं विधायक पक्ष का दावा पिछले तीन पीढ़ियों से उनके परिवार सरगुजा में निवास कर रहे हैं और विधायक मुड़िया गांव की मूल निवासी है और उनकी पूरी शिक्षा सरगुजा में हुआ है। विधायक शकुंतला पोर्ते कई चुनाव लड़ चुकीं है।उनके जाति प्रमाण पत्र में पिता व पति दोनों के कॉलम मौजूद और 2013 के पहले जाती प्रमाण पत्र जारी हुआ था। वहीँ आवेदक पक्ष का आरोप कि जानबूझकर समय बढ़ाया जा रहा है।जिसके बाद जाती प्रमाण पत्र को निरस्त करने आदिवासी समाज के लोग जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर विरोध जताया।अब 11 दिसंबर की अगली सुनवाई पर सबकी नजर टिकी है।
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