राजपुर (बलरामपुर)। ग्राम पंचायत कर्रा में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज तिवारी ने जिले के बुनियादी विकास पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्वागत है, लेकिन यदि वे हेलीकॉप्टर की बजाय सड़क मार्ग से आते, तो उन्हें बलरामपुर जिले में विकास के दावों की वास्तविक स्थिति का पता चलता।
उन्होंने कहा कि जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले एनएच-343 पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और जर्जर पुल-पुलिया मौजूद हैं। बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रामीण कच्ची सड़क जैसा नजर आने लगा है, जिससे आए दिन जाम और हादसे हो रहे हैं। नवनिर्माण के नाम पर कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के बजाय प्रशासन की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिले की शिक्षा व्यवस्था भी गंभीर संकट से गुजर रही है।जिला शिक्षा अधिकारी पर करोड़ों रुपये के गबन के गंभीर आरोप लगने के बावजूद उन्हें पद से न हटाना और निष्पक्ष जांच न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली को संदेहास्पद बनाता है।
इसी तरह स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों, आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की भारी कमी है। ग्रामीण अंचलों में एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को खाट पर अस्पताल ले जाने की मजबूरी बनी हुई है।
जनता को हवा-हवाई दावों के बजाय चलने योग्य सुरक्षित सड़कें, बेहतर स्कूल और अस्पतालों में समुचित इलाज चाहिए। शासन-प्रशासन को एनएच-343 की त्वरित मरम्मत कराने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच करने और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए समयबद्ध कदम उठाने की मांग की गई है।



