
विभागों के समन्वय से राहत-बचाव, रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का किया गया प्रदर्शन
बाढ़ प्रबंधन में प्रशासन और विभागों का समन्वय से दिखा सजीव अनुभव
बलरामपुर।
प्राकृतिक आपदाओं तथा बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसी कड़ी में जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में बाढ़ नियंत्रण एवं विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त मॉक अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में जनपद पंचायत वाड्रफनगर की अध्यक्ष शशि सिंह पोर्ते ,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पवन जायसवाल,जनपद सदस्य अन्य , जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी, अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर नीर निधि नंदेहा, रामानुजगंज आनंद राम नेताम, तहसीलदार, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
अभ्यास के दौरान बाढ़ की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें अचानक भारी वर्षा के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने और आसपास के गांवों में पानी भरने की स्थिति प्रदर्शित की गई। इसके बाद मुनादी के माध्यम से आसपास के नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की जानकारी दी गई।

स्थिति के अनुरूप रेस्क्यू दल नाव और लाइफ जैकेट के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचा तथा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। रेस्क्यू किए गए लोगों को बारी-बारी से अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस एवं मेडिकल टीम ने घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाने और प्राथमिक उपचार प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान अस्थायी राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर, जांच एवं उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, गंभीर मरीजों को रेफर करने जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बताया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान की गई राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा कभी भी अचानक उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में जन-जीवन की सुरक्षा के लिए सभी विभागों का पहले से तैयार रहना और वह आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करना आवश्यक है।मॉक अभ्यास के माध्यम से जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों और राहत-बचाव क्षमता की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।



