
राजपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजपुर स्थित धान मंडी प्रांगण में आदिवासी समाज द्वारा एक विशाल और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रभर से हज़ारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा, हाथों में पीले झंडे और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक झलक के साथ शामिल हुए।

धान मंडी प्रांगण में आयोजित आमसभा में वक्ताओं ने समाज की एकजुटता और संस्कृति पर बल दिया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की असली पहचान उसकी विशिष्ट संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और परंपराओं में निहित है। इसे भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी का परम दायित्व है। यह आयोजन आदिवासी समाज की एकता, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक शक्ति का शानदार प्रतीक बनकर उभरा।
मंडी प्रांगण में आमसभा के पश्चात एक विशाल रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सरगुजा पेट्रोल पंप तक पहुंची। रैली में महिलाएं, पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग भारी उत्साह के साथ शामिल हुए। हाथों में पीले झंडे और समाज के गूंजते नारों के साथ माहौल पूरी तरह से उत्सवमय हो गया। इस दौरान युवाओं की टोली डीजे की धुन पर थिरकती और अपनी परंपरा का जश्न मनाती नज़र आई।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि लालसाय मिंज एवं डॉ. प्रतिम राम रहे,एवँ कार्यक्रम के आयोजक कृष्णनाथ टोप्पो थे।इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष दयासागर सिंह पैकरा, अनिल खलखो, देवबली, सुनील केरकेट्टा, आलोक सिंह, अनिल भारती, रवि प्रताप मरावी, तेज प्रताप शांडिल्य, रंजीत बड़ा, पारसनाथ सहित समाज के कई पदाधिकारी एवं भारी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



