बलरामपुर। सनावल थाना पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 17 मवेशियों को क्रूरतापूर्वक बूचड़खाने ले जा रहे दो अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जंगल के रास्ते पैदल हांक कर ले जा रहे थे झारखंड
जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को सनावल पुलिस टीम देहात भ्रमण पर निकली थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि 2-3 तस्कर बड़ी संख्या में गोवंश को मारते-पीटते हुए ग्राम कामेश्वरनगर कोरवापारा के जंगल के रास्ते झारखंड के बूचड़खाने ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दबिश दी।
घेराबंदी कर पकड़े गए दो आरोपी
मौके पर पुलिस ने दो युवकों को मवेशियों को बेरहमी से हांकते हुए पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान राहत अंसारी (25 वर्ष, निवासी खाला टोला सेराजनगर, थाना धुरकी, जिला गढ़वा, झारखंड) और अख्तर अंसारी (25 वर्ष, निवासी टाटीदीरी, थाना धुरकी, जिला गढ़वा, झारखंड) के रूप में बताई। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इन मवेशियों को कटिंग के लिए झारखंड स्थित बूचड़खाने ले जा रहे थे।
17 मवेशी सुरक्षित जप्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 17 रास मवेशी बरामद किए, जिनमें 14 गाय, 2 बछिया और 1 बछड़ा शामिल हैं। सभी पशुओं को गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।
सनावल थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 और 11(1)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।



