
बलरामपुर। जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत नावाडीह गांव में सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही के चलते एक बुजुर्ग की जान चली गई। बांध में हो रहे रिसाव (लीकेज) को ठीक करने के दौरान गहरे पानी में डूबने से बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश है और परिजनों ने दोषियों पर एफआईआर व मुआवजे की मांग को लेकर शव लेने से मना कर दिया है।
बिना सुरक्षा उपकरणों के बांध में उतारने का आरोप
परिजनों का गंभीर आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने लालच देकर बिना किसी लाइफ जैकेट या सुरक्षा इंतजाम के बुजुर्ग को लीकेज बंद करने के लिए बांध के भीतर उतार दिया। पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण बुजुर्ग वेस्ट वियर में फंस गया और डूबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

मुआवजा और FIR पर अड़े परिजन
घटना के बाद पूरे नावाडीह गांव में मातम और रोष का माहौल है। परिजनों की माँग है कि जब तक जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर मामला दर्ज नही होता और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा की नहीं मिलता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पूर्व विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। पूर्व विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए और बुजुर्ग की जान जोखिम में डालने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



