September 19, 2026 |

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सनावल में एक दिवसीय कृषक जागरूकता कार्यक्रम संपन्न,,,मूल्य संवर्धन से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल…

बलरामपुर/सनावल। राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, अजिरमा (अम्बिकापुर) एवं जिला बलरामपुर के ग्राम सनावल स्थित विज्ञान भवन में दिनांक 26.02.2026 को एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा वित्तीय पोषित हैं। यह आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.के. सिन्हा के मार्गदर्शन में एवं प्रभारी अधिष्ठाता (Dean) डॉ. नीलम चौकसे की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कृषकों और महिला समूहों ने हिस्सा लिया।

खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन :-

       कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. नीलम चौकसे, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. शशि किरण मिंज एवं शिवानी मिश्रा ने किसानों को खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत पांचावल के सरपंच की गरिमामयी उपस्थिति रही,साथ ही क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) पंकज चंद्राकर जी भी उपस्थित रहे। जहाँ उन्होंने अपने उद्बोधन के माध्यम से किसानों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन (Value Addition) कर न केवल फसल की बर्बादी रोकी जा सकती है, बल्कि बाजार में बेहतर दाम प्राप्त कर आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ किया जा सकता है।

प्रायोगिक प्रशिक्षण: महिलाओं ने सीखे अचार और मुरब्बा बनाने के गुण :-

      ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न उत्पादों के प्रसंस्करण के साथ-साथ विशेष रूप से मिश्रित सब्जी का अचार और मुरब्बा बनाने की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई।  

किसानों को उपयोगी सामग्री का वितरण :-

     कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों को कृषि डायरी एवं कैलेंडर का वितरण किया गया, ताकि वे उन्नत खेती की तकनीकों से सतत जुड़े रहें। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक कृषि और उद्यमिता की ओर अग्रसर करना है।

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