
बलरामपुर। जिला मुख्यालय के आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल में बारहवीं की परीक्षा के बाद उस समय हड़कंप मच गया जब एक पुलिसकर्मी और शिक्षक के बिच हाथापाई की नौबत आ गई।जिसके बाद पुलिस और शिक्षा विभाग आमने सामने नजर आ रहा है। इस घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने बलरामपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप परीक्षा ड्यूटी से पृथक करने की माँग की है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने बलरामपुर कलेक्टर को दिए ज्ञापन में उल्लेख किया है कि दिनांक 24.02.2026 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बलरामपुर में बोर्ड परीक्षा के दौरान एक पुलिस आरक्षक के द्वारा परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षक महेन्द्रनाथ साहू के साथ मार-पीट एवं दुर्व्यवहार किया गया। जिससे जिले भर के शिक्षकों में भारी आक्रोश एवं भय का वातारण व्याप्त है। ऐसी अप्रिय स्थिति को देखते हुए बोर्ड परीक्षा का कार्य करनें में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं। उक्त घटना के संबंध में पीड़ित शिक्षक के सहयोग में जिला प्रशासन ने किसी भी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया एवं किसी भी प्रकार की सहयोग नहीं दी गई। जिससे जिले भर के शिक्षक असहज महसूस कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षक परीक्षा कार्य नहीं करना चाहते हैं।उन्होंने माँग की है कि जिले भर के सभी शिक्षकों को उक्त कार्य से पृथक किया जाए।

यह मामला परीक्षा हॉल में प्रश्न पत्र और उत्तरपुस्तिका से जुड़ा हुआ है।परीक्षार्थी अपनी सालभर की मेहनत के बाद परीक्षा केंद्र में यह उम्मीद लगाए बैठते है की उनका आने वाला भविष्य संवर सके।उन्हें अपने मेहनत का फल मिले।लेकिन परीक्षार्थियों की इस सोच पर पलीता तब लग जाता है जब परीक्षा केंद्र में मौजूद शिक्षक और शिक्षिकाएं परीक्षा हॉल में भी भाईचारे का संदेश देते नजर आते है,जिसका विरोध पुलिसकर्मी ने किया था।हालांकि पुलिसकर्मी का विरोध का स्वरूप थोड़ा अलग जरूर था लेकिन इसे विरोध ही माना जाएगा।
परीक्षा हॉल के घटनाक्रम से परीक्षार्थी बुरी तरह आहत थी और वह उसी पुलिसकर्मी के परिवार से थी। बहरहाल छात्र छात्राओं का भविष्य गढ़ने वाले शिक्षा विभाग के परीक्षा हॉल में क्या कुछ हुआ यह शिक्षा विभाग के अधिकारी भी बेहतर जानते है और पुलिस को भी सब पता है। अब न्याय किसके हिस्से में आता है यह देखने वाली बात है।



