
राजपुर। वन परिक्षेत्र अंतर्गत अधिसूचित वनक्षेत्र चिलमा वनखण्ड में बड़े पैमाने पर अवैध वृक्ष कटाई का मामला सामने आया है। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई वनमण्डलाधिकारी आलोक कुमार वाजपेयी के निर्देशन पर की गई।
जानकारी के अनुसार राजपुर वन परिक्षेत्र के चिलमा वनखण्ड कक्ष क्रमांक आरएफ़ 2734 एवं आरएफ़ 2735 में कुछ ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से वन क्षेत्र की सफाई कर बड़ी संख्या में बाल वृक्षों की कटाई की गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर एस.डी.ओ. आर.एस. लाल श्रीवास्तव, वनपरिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा, पुलिस बल एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में मौके पर जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि साल, साजा, करमी, धावड़ा तथा करौंदा मिश्रित प्रजाति के कुल 536 नग बाल वृक्षों को काटकर मौके पर ही छोड़ दिया गया था।

वन विभाग ने इस मामले में हरेन्दर कुशवाहा पिता बच्चा लाल रामलाल पिता महंगू ,अलबीस बड़ा पिता पुनई रंजीत बड़ा पिता पुनई, सुरेन्द्र पिता जगमोहन रबीन्द्र पिता जगमोहन मीराज पिता जगमोहन केन्दा पिता लच्छु सहित अन्य ग्रामीणों को आरोपी बनाया है। सभी आरोपी ग्राम चिलमाकला, झींगाडांड़, परसागुड़ी, भदरापारा एवं चिलमा जंगल के आसपास के निवासी हैं। वन विभाग द्वारा 11 मई 2026 को ग्राम चिलमा एवं परसागुड़ी के सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में मौका पंचनामा तैयार किया गया तथा कटाई-सफाई में शामिल आरोपियों के विरुद्ध विधिवत कार्रवाई शुरू की गई।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) क, च एवं ज तथा लोक संपत्ति नुकसानी निवारण अधिनियम की धारा 3 (1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को शीघ्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटाई किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग के वनपाल सुदामा विश्वकर्मा, अजय एक्का, रंजीता, मालती मांझी, सुनिता कुजुर, राकेश लकड़ा, राजेश खलखो एवं प्रमिठ एक्का शामिल रहे। वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध वन कटाई करने वालों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।



