November 6, 2026 |

BREAKING NEWS

सामरी विधायक की पहल पर शंकरगढ़ बालक हायर सेकेंडरी स्कूल को मिली नए भवन की सौगात,छात्राओं ने किया स्वागतछठ पूजा सेवा समिति अध्यक्ष चुने गए महेंद्र अग्रवाल,महापर्व के सफल आयोजन का लिया संकल्पनिजी अस्पतालों में नर्सिंग होम एक्ट के पालन की जांच,वाड्रफनगर व महावीरगंज में संयुक्त टीम ने किया निरीक्षणआमकोना व चंपानगर में जनसंपर्क समस्या निवारण शिविर,ग्रामीणों की सुनी समस्याएंडिजिटल क्रॉप सर्वे में पारदर्शिता,ग्राम सभाओं में पढ़ी जा रहीं फसल प्रविष्टियां,10 नवंबर तक होगा दावा-आपत्ति का निराकरणअवैध महुआ शराब पर आबकारी विभाग की कार्रवाई, 20 लीटर शराब व 60 किलो लाहन जप्तमैदान पर उतरी गांव-कस्बों की प्रतिभा, जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभचिरायु की पहल से रामसाय की आंखों में लौटी रोशनी, मेकाहारा रायपुर में ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशनजिले में 772 मतदान केन्द्रों का प्रकाशन, 12 नवंबर को आएगी प्रारूप मतदाता सूचीसशक्त नारी,युवा उड़ान थीम पर बलरामपुर में राज्योत्सव,योजनाओं की लगी प्रदर्शनी, लोकनृत्यों से सजी सांस्कृतिक संध्या
आस्थाकोरियागैजेट्सछत्तीसगढ़जशपुरटेक्नोलॉजीपत्थलगांवबलरामपुरमनोरंजनराजनीतिलाइफस्टाइलसरगुजासीतापुरसुरजपुर

बहुआयामी व्यवसाय से रेबेका का संवरा जीवन,,,स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बनीं लखपति दीदी…

बलरामपुर। विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पंचायत चिलमा निवासी श्रीमती रेबेका महिला स्वयं सहायता समूह में जुड़कर लाखों रुपए वार्षिक आय के रूप में अर्जित कर रही हैं।
          वे बताती है कि कभी आर्थिक तंगी से जूझ रहा उनका परिवार मजदूरी कर जीवनयापन करता था। सीमित आय के कारण घर की आवश्यक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता था। परिस्थितियों से हार मानने के बजाय रेबेका ने स्वयं शक्ति महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर नया रास्ता चुना। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत स्वयं शक्ति महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, ऋण एवं स्वरोजगार की जानकारी मिली। उन्होंने समूह से ऋण लेकर बागबानी, बकरी पालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान एवं कृषि कार्य को व्यवसाय के रूप में शुरू किया। आज वे मेहनत कर लगभग 1 लाख 71 हजार रुपये की सालाना आय अर्जित कर रही है। आय में वृद्धि से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है जिससे बच्चों की शिक्षा, पोषण और घर की आवश्यकताओं की पूर्ति भी बेहतर ढंग से कर रही है और लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। रेबेका के प्रयास से उनकी आमदनी बढ़ी है साथ ही परिवार का जीवन स्तर भी सुधरा है। रेबेका बताती हैं कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग मिला। जिससे वे आत्मनिर्भता की राह पर अग्रसर हुई हैं, साथ ही अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

Related Articles

Check Also
Close
error: Content is protected !!