
बलरामपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत जिले में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर गंभीर बीमारियों का निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड वाड्रफनगर के हाई स्कूल कछिया में अध्ययनरत रामसाय की आंखों की रोशनी चिरायु टीम की तत्परता से लौट आई है।
ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद के कारण रामसाय को आंख से बिल्कुल दिखाई नहीं देता था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर की चिरायु टीम-बी ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान इस समस्या की पहचान की। टीम लीडर डॉ. धनंजय गुप्ता एवं सदस्यों ने तत्काल चिकित्सा प्रक्रिया आरंभ की, वहीं बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उसे मेकाहारा रायपुर भेजा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन किया। अब रामसाय को स्पष्ट दिखाई देने लगा है और वह पढ़ाई जारी रखने को लेकर उत्साहित है।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने चिरायु टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकार, बीमारियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जरूरतमंद बच्चों को समय पर बेहतर उपचार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा चिरायु टीमों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। परिजनों ने निःशुल्क उपचार के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं चिरायु टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।



