एक वर्ष में बदल गए आधे दर्जन से अधिक तहसीलदार,,,तहसील कार्यालय बना प्रयोगशाला…

राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर में तहसील कार्यालय एक प्रयोग शाला बन गया है। विगत एक वर्ष में आधे दर्जन से अधिक तहसीलदार बदले गए। वर्ष भर में दर्जनों तहसीलदारों के बदलने से तहसील कार्यालय के काफी कामकाज लंबित पड़े हुए हैं।
राजपुर तहसील कार्यालय इन दिनों काफी सुर्खियों में है हम ऐसा इसलिए कह रहें हैं क्योंकि यह तहसील कार्यालय एक प्रयोगशाला बन गया है।यहाँ अधिकारियों को एक प्रयोग के तौर पर भेजा जाता है और जब वह इस कार्यालय में फिट नहीं बैठते तो उन्हें यहाँ से तबादला कर दिया जाता है। विगत एक वर्षों में इस तहसील कार्यालय में नजर डालें तो करीब आधा दर्जन से ज्यादा तहसीलदार अब तक बदले जा चुके हैं। विगत एक वर्षों में राजपुर तहसील कार्यालय में पदस्थ तहसीलदारों का कार्यकाल एक माह या दो माह से अधिक नहीं रह पाया है।आंकड़ा पर यदि नजर डालें तो विगत एक वर्ष में यशवन्त कुमार नरेंद्र कवर अस्वनी चंद्रा रुचिका अग्रवाल पूनम रश्मि तिग्गा सहित तहसीलदार सालिक राम का कार्यकाल महज कुछ महीनों की रही है वर्तमान में कावेरी मुखर्जी तहसीलदार के रुप मे राजपुर तहसील कार्यालय में पदस्थापना की गई है। अब यह देखना होगा कि वर्तमान तहसीलदार कितने दिनों तक यहां टिके रहते हैं।
तहसीलदारों के लगातार तबादला होने के कारण राजपूर तहसील में कामकाज भी काफी प्रभावित है। राजपुर तहसील कार्यालय में वर्तमान में लंबित मामलों की सुनवाई 167 प्रकरण ऑनलाइन लंबित है और न जाने कितने ही मामले ऑफ़ लाइन लंबित पड़े हुए है जिसका निराकरण भगवान भरोसे चल रहा है।वहीँ वर्तमान में किसानों की भी भारी भीड़ तहसील कार्यालय में देखी जा सकती है किसानों के फसलों का रकबा ऑनलाइन नहीं दिखने के कारण किसानों को बड़ी समस्या आ रही है जिसे दुरुस्त कराने किसान तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। आपको बता दे कि किसानों के सुविधा के लिए प्रशासन प्रत्येक गाँव में कर्मचारी नियुक्त कर डीसीएस के माध्यम से किसानों के फसलों का रकबा तो चढ़ाया गया परंतु ऑनलाइन नहीं दिखने के कारण किसान परेशान हैं।

