
राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड में अवैध रेत परिवहन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। चाची-बदौली मुख्य मार्ग स्थित कुन्दीकला में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे तेज रफ्तार रेत लदे ट्रैक्टर की टक्कर से राजपुर जनपद पंचायत में पदस्थ मनरेगा तकनीकी सहायक की मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की ढिलाई को घटना का प्रमुख कारण बताया है।
जानकारी के अनुसार मृतक आशुतोष गुप्ता पिता अस्थीलाल गुप्ता उम्र लगभग 30 वर्ष निवासी गांधीनगर अंबिकापुर, राजपुर जनपद पंचायत में मनरेगा विभाग में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार को वे अपने दोपहिया मोटरसाइकिल वाहन से राजपुर ब्लॉक के ग्राम डकवा, करजी और उधवाकठरा पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों का निरीक्षण करने जा रहे थे। इसी दौरान कुन्दीकला स्थित किसान सेवा केंद्र के पास सामने से आ रहे रेत से भरे ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर महान नदी से रेत लेकर सिधमा गांव की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर भी सिधमा गांव का ही था। टक्कर इतनी भीषण थी कि आशुतोष गुप्ता गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के समय रास्ते से गुजर रहे शंकरगढ़ एसडीएम अनमोल टोप्पो ने तत्काल मानवता दिखाते हुए घायल तकनीकी सहायक को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि राजपुर क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टर चालक तेज गति से वाहनों को दौड़ाते हैं और रास्ते में आने वाले अन्य वाहनों को साइड तक नहीं देते। महान नदी से लगातार अवैध रेत उत्खनन और परिवहन होने के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई केवल औपचारिक बनकर रह गई है। लोगों का आरोप है कि रेत माफियाओं के बढ़ते हौसले और प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज एक सरकारी कर्मचारी की जान चली गई।घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं क्षेत्रवासियों ने दोषी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा अवैध रेत परिवहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।



