
बलरामपुर। वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे कोरवा समुदाय के लोगों को सुशासन शिविर से मिला लाभ,वन विभाग की पहल पर बोरिंग खनन के साथ लगा हैंडपंप।
बलरामपुर वन परिक्षेत्र-धमनी अंतर्गत विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत ओरंगा के पहुंच विहीन सुदूर वनांचल क्षेत्र से लगा ग्राम-सेमरखोंचा में 9 पहाड़ी कोरवा का परिवार निवास करता है जहां कि कुल जनसंख्या लगभग 46 है। यहां पेयजल के लिए शुद्ध पानी का लम्बे समय से अभाव था। पीवीटीजी समूह सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से अत्यंत पिछड़े हुए है, इनकी पारंपरिक जीवन शैली आज के आधुनिक तकनीक से अभी भी काफी पीछे है। इनके एवं इनके परिवार के सामाजिक उत्थान एवं पेयजल संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में वन मण्डलाधिकारी आलोक बाजपेयी के पहल पर वन परिक्षेत्र-धमनी के वन प्रबंधन समिति-पीपरपान द्वारा मलकन कोरवा के घर के पास एक बोरवेल खनन् कराकर हैण्डपंप की स्थापना की गई है।

हैण्डपंप की स्थापना से पीवीटीजी समुदाय के 46 सदस्यों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा एवं बारिस के मौसम से दूषित पानी पीने से होने वाली संक्रमित गम्भीर बिमारियों से बचाव हो सकेगा। जनहित के इस कार्य को त्वरित गति से पूर्ण करने में एस.डी.ओ. प्रेमचन्द मिश्रा, रेंजर केशव राज खटकर, वनपाल रामकुमार यादव, वनरक्षक मनदेव प्रसाद गुप्ता एवं पवन प्रताप सिंह का सराहनीय योगदान रहा है।



