
बलरामपुर/चाँदो। जादू टोना के संदेह पर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या कर साक्ष्य छूपाने वाले आरोपी पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के 2 माह बाद ग्राम इदरिकला के पहाड़ी जंगल मे मिली थी मृतिका के शरीर की कुछ हड्डियां।
जनवरी 2024 में थाना चांदो में प्रार्थी रामलाल किसान निवासी ग्राम सरुवत झारखंड के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके गांव के सीमावर्ती छतीसगढ़ सीमा में ग्राम इदरिकला के पहाड़ी में मानव हड्डियां मिली है जो करीबन 02 माह पहले लापता हुई उसकी माँ की हो सकती है। प्राप्त सूचना पर थाना चांदो में संभावित मृतिका प्रार्थी की माँ सुखनी देवी की मृत्यु के संबंध में मर्ग कायम कर कार्यवाही में लिया गया। जांच के दौरान घटनास्थल के पास से बरामद मानव हड्डियों का विधिवत डीएनए परीक्षण करवाया गया जिसमें उक्त हड्डियां मृतिका सुखनी देवी उम्र 70 वर्ष का होना पाया गया। जांच के दौरान गवाहों के कथन पर मृतिका के पड़ोसी (1) कवलदेव नगेसिया पिता नन्हेसर उम्र 40 वर्ष (2) श्रीमती बजंती पति कवलदेव उम्र 35 वर्ष दोनों निवासी ग्राम सरुवत झरखंड के द्वारा डायन टोनही के शक में हत्या कारित कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतिका के शव को छिपा देना पाए जाने पर उक्त दोनी आरोपी पति पत्नी के विरुध्द दिनांक 2/09/2024 को धारा 302, 201, 34 भादवि के तहत अपराधपंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अपराध पंजीबद्ध होने के तत्काल बाद आरोपीगणों को हिरासत में लेकर घटनाक्रम में तकनीकी आधारों पर पूछताछ किया गया जो घटना कारित करना स्वीकार करते हुए बताया कि पिछले 2-3 वर्षों के दौरान उनके तीन बच्चों की अचानक अज्ञात कारणों से मृत्यु हो गयी थी जिससे दोनों पति पत्नी को मृतिका के ऊपर संदेह था कि वह जादू टोना करके उसके बच्चों को मार रही है। पिछले वर्ष नवंबर माह में जब मृतिका महिला सुखनी देवी किसी काम से पहाड़ी रास्ते से ग्राम इदरिकला आ रही थी तब आरोपी महिला बजंती के द्वारा मृतिका के सिर में पहले पत्थर से हमला कर घायल कर दी फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी उसके बाद आरोपी महिला बजंती देवी अपने पति कवलदेव के साथ साक्ष्य छिपाने के लिए मृतिका के शव को घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर ले जाकर झाड़ियों के नीचे छिपा दिए थे।पुलिस ने आरोपी पति पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया है।
कार्यवाही में निरीक्षक भापेंद्र साहू थाना प्रभारी चांदो, सउनि गिरीश सहाय, म.प्र.आर. प्रमिला टोप्पो, म.आर. मित्रविन्दा, आरक्षक संदीप कुजूर, आरक्षक अमरसाय, आरक्षक मुकेश सिदार, आरक्षक विश्वनाथ ठाकुर एवं आरक्षक अशोक नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।



