
राजपुर। विगत दिनों नगर पंचायत के कुछ पार्षदों ने नगर पंचायत राजपुर में अध्यक्ष पार्षद निधि के नाम पर पच्चीस लाख रूपये का हुआ फर्जी आहरण के संबंध में एसडीएम राजपुर को ज्ञापन सौंपकर जॉच की मांग करते हुए सप्ताह भर के भीतर नही कार्यवाही नही होने पर कार्यालय में ताला जड़ने हेतु ज्ञापन सौंपा था।जिसे लेकर मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप को गलत व बकवास बताया है उन्होंने कहा कि अध्यक्ष एवं पार्षदों की छवि धुमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह ने कहा कि पार्षद निधी से कार्य कराने हेतु पी.आई.सी. में अनुमोदन होता है। चुकि पी.आई.सी. का बैठक हर समय नहीं होता है। कार्य समय पर हो जाए इसलिए पी.आई सी का मुखिया अध्यक्ष होने के नाते अध्यक्ष से प्रत्याशा में कराने जाने वाले कार्य का अनुमोदन कराया जाता है जिसे आगामी पीआई.सी. में स्वीकृत किया जाता है। जिस भी पार्षद द्वारा अपने मद से कार्य कराये जाने हेतु आवेदन दिया जाता है सभी की अनुसंशा अनुमोदन अध्यक्ष एवं पी.आई.सी. द्वारा किया जाता है। किसी भी पार्षद का आवेदन अस्वीकृत नहीं किया गया है। पी. आई.सी. में अनुमोदन के पश्चात कार्य करायें या ना करायें उसकी जिम्मेदारी नगर पंचायत के अधिकारीयों की होती है।

पार्षद निधि से कराये गये कार्यों का भुगतान या आकलन में अध्यक्ष की भूमिका नहीं होती है। पार्षदों द्वारा अपने वार्ड में कराये गये कार्यों का सतुष्टी प्रमाण पत्र एवं भुगतान की अनुशंसा दिया जाता है। जिसके पश्चात ही नगर पंचायत अधिकारी द्वारा भुगतान किया जाता है। जिसमें इस प्रक्रिया में अध्यक्ष द्वारा भ्रष्टाचार की भूमिका कैसे हो सकती है यह शिकायतकर्ता, पार्षद को स्पष्ट करना चाहिए।
इसी तरह शासन से प्राप्त आबंटित राशि से अधिक राशि का भुगतान का आरोप पर उन्होंने कहा कि वार्डों में आवश्यकता के जरूरत के आधार पर विभिन्न समयों पर विभिन्न कार्य कराये जाते हैं। अतः शासन से राशि प्राप्त होने की कोई निश्चित समय नहीं होती है। ऐसे में जिन वार्डों के पार्षद कोई कार्य अपने निधि से कराना चाहते हैं उनके द्वारा अनुशंसा किये गये कार्य प्रकियाधिन रहते हैं, तथा शासन से राशि प्राप्त होने पर प्राप्त राशि का व्यय कि गई पार्षद निधि में समायोजित कर दी जाती है। इसमें कोई अनियमितता या भ्रष्टाचार वाली बात का सवाल हीं नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि इसी तरह अध्यक्ष निधि का शासन से प्राप्त आबंटित राशि से अधिक का कोई कार्य नहीं कराया गया है। जो कि विरोधियों के द्वारा गलत आरोप लगाया जा रहा है जिसका सत्यापन नगर पंचायत कार्यालय से किया जा सकता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जिन असंतुष्ट पार्षदों को अपने निधि के कार्यों से संतुष्ट नहीं हैं। वे अपने कार्यों का उच्च अधिकारीयों से जाच कराकर संतुष्ट होवें।अध्यक्ष के उपर गलत आरोप एवं बकवास कर अध्यक्ष एवं पार्षदों की छबि धुमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।



