November 4, 2026 |

BREAKING NEWS

मैदान पर उतरी गांव-कस्बों की प्रतिभा, जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभचिरायु की पहल से रामसाय की आंखों में लौटी रोशनी, मेकाहारा रायपुर में ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशनजिले में 772 मतदान केन्द्रों का प्रकाशन, 12 नवंबर को आएगी प्रारूप मतदाता सूचीसशक्त नारी,युवा उड़ान थीम पर बलरामपुर में राज्योत्सव,योजनाओं की लगी प्रदर्शनी, लोकनृत्यों से सजी सांस्कृतिक संध्यापटवारियों को हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का अल्टीमेटम,संभाग के सभी 819 पटवारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देशमीडिया कर्मियों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुरक्षा योजना,योजना के प्रारूप पर आज से सुझाव आमंत्रितस्कॉर्पियो में क्रूरतापूर्वक मवेशी भरकर झारखंड ले जा रहा तस्कर गिरफ्तार,वाहन और मवेशी जप्तमां पर कुदाली से जानलेवा हमला करने वाला कलयुगी बेटा गिरफ्तारकोरिया में संभागीय आबकारी उड़नदस्ते की बड़ी कार्रवाई,56 लीटर अवैध महुआ व हड़िया शराब जब्तराजपुर के अग्रसेन भवन में विधानसभा स्तरीय प्रबुद्धजन सम्मेलन संपन्न,वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान
आस्थाकोरियागैजेट्सछत्तीसगढ़जशपुरटेक्नोलॉजीपत्थलगांवबलरामपुरमनोरंजनराजनीतिलाइफस्टाइलसरगुजासीतापुरसुरजपुर

चेकडेम के निर्माण से बदौली के किसान हो रहे आत्मनिर्भर,,,किसानों को मिलेगी सालभर सिंचाई की सुविधा…

राजपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जनपद पंचायत राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बदौली में पण्डरी नाला स्थित श्मशान घाट के पास चेक डेम निर्माण कार्य ग्रामीणों के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनता जा रहा है। जल संरक्षण के साथ-साथ यह परियोजना रोजगार सृजन और खेती-किसानी में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है।

          जानकारी के अनुसार, इस कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति 19.00385 लाख रुपये की लागत निर्माण कार्य 25 फरवरी 2026 से प्रारंभ किया गया। इस परियोजना में कुल 1169 मानव दिवस का प्रावधान रखा गया है, जिसमें श्रमिकों को प्रति दिवस 261 रुपये की दर से मजदूरी दी जा रही है। निर्माण कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत बदौली है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिला है।

       चेक डेम के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 50 से 60 किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। किसान अब मक्का, सरसों, धान, अरहर, उड़द जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ परवल, भिंडी, बरबटी, मटर, लौकी, तरबूज और बैंगन जैसी सब्जियों की खेती भी कर पा रहे हैं। इससे न केवल खेती का दायरा बढ़ा है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।

          लाभान्वित किसानों में ईश्वर, करीमन, चलराम, बृजलाल, कपील, शिवचंद, चन्नु, उदय, सोमार, चन्द्रपाल और सुखसागर सहित कई अन्य किसान शामिल हैं, जो अलग-अलग रकबे में विविध फसलों की खेती कर रहे हैं। चेक डेम बनने से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे किसानों को अब मौसम पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा।

        ग्राम पंचायत बदौली के सरपंच सुरेश राम आंडिल्य ने बताया कि पहले ग्रामीणों को पानी रोकने के लिए बालू और मिट्टी से अस्थायी बांध बनाना पड़ता था, जिससे पर्याप्त पानी नहीं रुक पाता था और खेती प्रभावित होती थी। अब चेक डेम बनने से गांव में 50 से 60 किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और जीवन स्तर में सुधार आ रहा है।

            ग्राम पंचायत सचिव नरेंद्र जायसवाल ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर इस चेक डेम का निर्माण कराया गया है। पहले सीमित संसाधनों के कारण किसान पूरी क्षमता से खेती नहीं कर पाते थे, लेकिन अब जल उपलब्धता बढ़ने से वे साल भर विभिन्न प्रकार की फसलें ले पा रहे हैं। बदौली का यह चेक डेम जल संरक्षण, रोजगार और कृषि विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रहा है, जो ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Related Articles

Check Also
Close
error: Content is protected !!