July 23, 2026 |

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ज्ञान भारतम् मिशन से जुड़कर जिले की प्राचीन विरासत के संरक्षण में दें योगदान,,,70 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों की जानकारी साझा करने की अपील…

बलरामपुर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों के सर्वेक्षण एवं संरक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जिले में यदि किसी व्यक्ति, परिवार, संस्था, मंदिर अथवा अन्य किसी स्थान पर 70 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियां सुरक्षित हैं, तो उनकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बताया कि पांडुलिपियां हस्तलिखित रूप में कागज, ताम्रपत्र, ताड़पत्र अथवा अन्य किसी माध्यम पर हो सकती हैं। ऐसे दस्तावेज हमारी समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों को संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था से लिया नहीं जाएगा। पांडुलिपियों के स्वामी या संरक्षक (कस्टोडियन) स्वयं ही उनके संरक्षक बने रहेंगे। केवल उनकी जानकारी निर्धारित पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे इन अमूल्य धरोहरों का अभिलेखीकरण एवं दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि जिले में इस प्रकार की पहल पहली बार की जा रही है। यह हमारी प्राचीन ज्ञान-विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि पांडुलिपियों की जानकारी उपलब्ध कराने एवं सर्वेक्षण कार्य में सहयोग करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा तथा उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए जिला स्तर पर समिति का गठन किया गया है। नागरिक अपनी पांडुलिपियों की जानकारी समिति अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध करा सकते हैं। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़कर अपनी विरासत के संरक्षण हेतु आगे आएं और ज्ञान भारतम् मिशन में सहयोग करें।

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