
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत शासी परिषद, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा), सासंद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई।
इस दौरान सरगुजा सासंद चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सड़क सुरक्षा समिति की चर्चा करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जिले में ब्लॉक स्पॉट का चिन्हांकन करने तथा खराब हुए सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिये। उन्होंने जहां की सड़कें ज्यादा खराब हो गई हैं उसे जल्द से जल्द मरम्मत करने को कहा। जिससे की आमजनों को आवागमन में परेशानी न हो। श्री नेताम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के संबंध में चर्चा करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये। साथ ही सड़क निर्माण के लिए हो रहे पेड़ कटाई के कार्य में अधिक मानव संसाधन लगाकर जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने दुर्घटना एवं मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सीट बेल्ट, हेलमेट अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी दिये।

जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंध,सक्षम अधिकारी के अनुमति के बिना नलकूल खनन पर होगी कार्यवाही :- जिले में आगामी ग्रीष्ण ऋतु को ध्यान में रखते हुए लोगों को पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के द्वारा छत्तीसगढ़ पयेजल परिरक्षण अधिनियम 1986 एवं 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जिले को 01 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2025 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत जिले में उपरोक्त अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथया पेयजल के अलावा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा। लेकिन शासकीय एजेंसी जैसे-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संपूर्ण जिले में तथा नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से विधिवत अनुमति की आवश्यकता होगी।
कलेक्टर श्री कटारा ने कहा है कि संबंधित प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानो के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे। यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।



