
बलरामपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में आज से ‘आंगन मिलन सेवा’ का शुभारंभ हुआ। 06 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को 80 क्लस्टरों में संगठित कर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पहले ही दिन सांसद, विधायकों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्र उत्सव स्थल में बदल गए।
राजपुर परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र भदार में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज की उपस्थिति में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, ‘मेरी पोषण थाली’ का प्रदर्शन, न्योता भोज और खिलौना दान किया गया। मातृ संवाद के अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और महतारी वंदन योजना की जानकारी देते हुए हितग्राही माताओं और बच्चों से संवाद कर उनके अनुभव साझा किए गए।

अपने उद्बोधन में सांसद चिंतामणी महाराज ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के स्वस्थ भविष्य की पहली पाठशाला हैं। स्वस्थ माँ और सुपोषित बच्चा ही सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने माताओं से पौष्टिक आहार अपनाने और शासन की योजनाओं का पूरा लाभ लेने का आग्रह करते हुए ग्रामीणों से आंगनबाड़ी केंद्रों को सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम में महिला मोर्चा के पदाधिकारी, सरपंच, जनप्रतिनिधि, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, परियोजना अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएँ उपस्थित रहीं।
वाड्रफनगर परियोजना में आयोजित कार्यक्रम में प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि आंगन मिलन सेवा समाज को आंगनबाड़ी से जोड़ने का सुंदर प्रयास है। जब गाँव का हर व्यक्ति बच्चों के पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी साझा करेगा, तभी सुपोषित छत्तीसगढ़ का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के समर्पण की सराहना की।

शंकरगढ़ में सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा ने कहा कि महतारी वंदन योजना से माताओं को आर्थिक संबल मिला है और इस राशि का बच्चों के पोषण में उपयोग करना परिवार के भविष्य में निवेश है। उन्होंने महिलाओं से स्वास्थ्य जाँच कराने, गर्भावस्था में नियमित देखभाल करने तथा सेवा व समर्पण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘पोषण शक्ति सम्मान’, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, व्यंजन विधि प्रदर्शनी, स्वास्थ्य जाँच, पौधरोपण तथा चित्रकला व खेल प्रतियोगिताओं से उत्साह का वातावरण है।
ग्रामीण स्वेच्छा से खिलौने, फल और अन्न भेंट कर रहे हैं तथा न्योता भोज में बच्चों के साथ बैठकर भोजन कर रहे हैं। जनभागीदारी से आंगनबाड़ी केंद्र पोषण, स्वास्थ्य और सामुदायिक एकता के सशक्त केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

