November 8, 2026 |

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निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि प्रदूषण करने वालों पर होगी कार्यवाही…

बलरामपुर। कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में आदेश जारी किया है। माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अस्पताल, शिक्षण संस्थाएं एवं छात्रावास, सिविल एवं राजस्व न्यायालय, तथा धार्मिक संस्थाओं के 100 मीटर की परिधि को शांत परिक्षेत्र घोषित किया है। इन शांत परिक्षेत्रों में कम से कम 100 मीटर की दूरी तक पटाखे फोड़े जाने, प्रेसर या म्यूजिकल हार्न तथा अन्य किसी भी प्रकार के साउंड एम्प्लीफायर का उपयोग प्रतिबंतिध होगा। कलेक्टर ने बताया कि ध्वनि की सीमा औद्योगिक क्षेत्र में दिन के समय प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक 75 डेसिबल और रात्रि के समय रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक 70 डेसिबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में दिन के समय 65 और रात्रि में 55 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में दिन के समय 55 डेसिबल, रात्रि में 45 डेसिबल तथा शांत परिक्षेत्र में दिन के समय 50 डेसिबल व रात्रि में 40 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। साथ ही कलेक्टर ने अनुविभागों/तहसीलों में धारा 05, 06, 07 एवं 08 में उल्लेखित अनुसार आवेदन प्राप्त होने पर अनुसंशा प्रदान किये जाने तथा छत्तीसगढ़ कोलाहन नियंत्रण 1985 की धारा 13(1) एवं (2) में उल्लेखित राष्ट्रीय सामाजिक, धार्मिक स्थान (परिसर) जहां ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग परम्परा के अनुरूप किया जाता है को मुक्त रखे जाने के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा तहसीलदारों को विहित अधिकारी नियुक्त किया है।

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