
बलरामपुर। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए बलरामपुर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस मुख्यालय, रायपुर के निर्देश पर पुलिस महानिरीक्षक (सरगुजा रेंज) दीपक झा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देशन में जिले भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर न केवल वाहन जब्त किए जा रहे हैं, बल्कि उनके माता-पिता और वाहन स्वामियों के खिलाफ मोटर यान अधिनियम की सख्त धारा 199(क) के तहत सीधे न्यायालय में प्रकरण पेश किए जा रहे हैं।
स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता से लेकर सड़क पर कार्रवाई
जिले में 30 जुलाई से इस अभियान का प्रथम चरण शुरू किया गया था। इसके तहत जिले के सभी थाना व चौकी क्षेत्रों के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा कोचिंग संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने देने की स्पष्ट समझाइश दी गई थी।
जागरूकता अभियान के बाद दूसरे चरण में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर नियमों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसा। जिले की यातायात पुलिस और थाना-चौकियों ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के 83 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल ₹1,23,500 समन शुल्क वसूल किया। साथ ही संबंधित अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी गई।
6 मामलों में कोर्ट में पेशी, 3 वर्ष की जेल और ₹25,000 जुर्माने का प्रावधान
समझाइश के बावजूद लापरवाही बरतने वाले अभिभावकों पर अब कानून का सख्त शिकंजा कस रहा है। वर्तमान में थाना रामानुजगंज (02), यातायात बलरामपुर (02) और चौकी वाड्रफनगर (02) के कुल 06 मामलों में वाहन जब्त कर अभिभावकों व वाहन स्वामियों के खिलाफ प्रकरण न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं।
क्या कहता है कानून?
मोटर यान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो उसके माता-पिता अथवा वाहन स्वामी को दोषी माना जाता है। इसमें ₹25,000 तक का जुर्माना और 3 वर्ष तक के कारावास का कड़ा कानूनी प्रावधान है।
बलरामपुर पुलिस की आमजन से अपील
बलरामपुर पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझें। किसी भी परिस्थिति में अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें और न ही उन्हें वाहन उपलब्ध कराएं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए यह सघन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।



