
राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम भिलाई खुर्द में हाल ही में हुई दुर्घटना के बाद क्षेत्र में संचालित क्रेशरों को लेकर सवाल तेज हो गई हैं। राजपुर के अधिवक्ता उमेश झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजपुर विकासखंड में लगभग 35 से 40 क्रेशरों का संचालन हो रहा है, जिनमें से अधिकांश अवैध रूप से संचालित बताए जाते हैं।
अधिवक्ता उमेश झा ने कहा कि क्षेत्र में संचालित कई क्रेशर शासन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। क्रेशरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग केवल घटनाओं के बाद औपचारिक जांच कर मामले को शांत करने का प्रयास करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की नींद तब खुलती है जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, जबकि नियमित निगरानी और कार्रवाई नहीं की जाती।
उन्होंने कहा कि कई क्रेशर संचालक नियमों के विपरीत खनन कर रहे हैं। पट्टे की निर्धारित सीमा से बाहर जाकर शासकीय एवं वन भूमि में भी अवैध उत्खनन किए जाने की बात सामने आती रही है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों और क्रेशर संचालकों के बीच सांठगांठ होने के कारण जांच प्रभावित होती है और वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती।
उमेश झा ने यह भी कहा कि राजपुर क्षेत्र में कई क्रेशर स्कूल, आईटीआई कॉलेज और रिहायशी बस्तियों के समीप संचालित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को लगातार खतरा बना रहता है। धूल, शोर और भारी वाहनों की आवाजाही से आम नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन बने हुए हैं।
उन्होंने मांग की कि जिले में संचालित सभी क्रेशरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जिन क्रेशरों का संचालन नियम विरुद्ध पाया जाए, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध उत्खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।



