September 18, 2026 |

BREAKING NEWS

मवेशी तस्करी करते एक आरोपी गिरफ्तार,34 भैंस व भैंसा बरामदइंस्पायर अवार्ड मानक योजना में नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ी,अब 10 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन नामांकनवन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु तकनीकी सहयोगी संस्थाओं के चयन के लिए आवेदन आमंत्रितबलरामपुर में स्वास्थ्य शिक्षा की नई नींव, कृषि मंत्री ने 60 सीटों वाले नर्सिंग कॉलेज भवन का किया भूमिपूजनकृषि मंत्री नेताम ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानितराह-वीर योजना में मदद करने वालों को सम्मान सुरक्षा और पुरस्कार,हर नागरिक बन सकता है जीवनरक्षकरेड क्रॉस और दीनहीन सेवा समिति के सहयोग से लगे शिविर में कलेक्टर ने किया रक्तदान,स्वयं रक्तदान कर जिलेवासियों को दिया संदेशपूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का राजपुर में भव्य स्वागतसरगुजा ओलंपिक खेल प्रतियोगिता का आगाज,अतिथियों ने खिलाड़ियों को दिलाई खेल भावना की शपथराजपुर में नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट का शानदार आगाज, सींचोरा बनी चैंपियन
आस्थाकोरियागैजेट्सचिकित्साछत्तीसगढ़जशपुरटेक्नोलॉजीपत्थलगांवबलरामपुरलाइफस्टाइलशिक्षासरगुजासीतापुरसुरजपुरस्वास्थ्य

मातृ-शिशु स्वास्थ्य और बाल रोगों पर जागरूकता बढ़ाने पत्रकारों हेतु क्षेत्रीय संवाद एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

स्वास्थ्य संदेशों को घर-घर पहुंचाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण

बलरामपुर। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य संबंधी जनजागरूकता को सशक्त बनाने तथा शासन की स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी जानकारी आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से हॉटल सत्यम इन में पत्रकारों के लिए क्षेत्रीय संवाद एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सिकल सेल रोग तथा बच्चों में गैर संचारी रोगों पर संवेदनशील एवं तथ्यपरक पत्रकारिता की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में जिले के लगभग 39 पत्रकारों ने सहभागिता की। विशेषज्ञों ने सिकल सेल रोग, बच्चों में टाइप-1 मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देते हुए कहा कि समय पर पहचान, नियमित जांच एवं उपचार से गंभीर बीमारियों की रोकथाम और बच्चों को स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा सकता है। साथ ही शासन द्वारा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई।

विशेषज्ञों ने कहा कि मीडिया समाज में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है। तथ्यात्मक एवं जनहितकारी समाचारों के माध्यम से लोगों को समय पर जांच, उपचार, पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक किया जा सकता है। विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य संदेश पहुँचाने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग, बच्चों में टाइप-1 मधुमेह के शुरुआती लक्षणों की पहचान, जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों के शीघ्र उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी तथा समुदाय आधारित स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य विभाग, मीडिया एवं समुदाय के बीच बेहतर समन्वय को जनस्वास्थ्य सुधार की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पत्रकारों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य विषयों पर जिम्मेदार एवं तथ्यपरक समाचारों के माध्यम से आमजन को जागरूक करें, जिससे अधिक से अधिक लोग समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

       इस अवसर पर यूनिसेफ की कम्युनिकेशन कंसल्टेंट सुश्री सुरभि शुक्ला, हेल्थ ऑफिसर डॉ. श्वेताभ त्रिपाठी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. डी. श्याम कुमार एवं एमसीसीआर ट्रस्ट की टीम ,स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, विकासखंड स्तरीय स्वास्थ्य दल, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Check Also
Close
error: Content is protected !!