July 22, 2026 |

BREAKING NEWS

NH-343 पर बरियों के पास बदहाली: दलदल में तब्दील हुई सड़क, कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर छात्राएंपहले आया ड्राइवर बनकर,फिर करने लगा ब्लैकमेल,अब पुलिस की हिरासत मेंजमीन विवाद में हेडमास्टर की हत्या के मामले में दोनों चचेरे भाई गिरफ्तार,स्कूल जाते समय गला रेतकर की थी हत्या…शिक्षक के हत्या के बाद गुस्साए परिजनों ने आरोपियों के घर लगाई आगस्कूल जा रहे शिक्षक की गला रेतकर हत्या,जमीन विवाद में चचेरे भाइयों ने दी घटना को अंजामडीएवी पतरातु में बाल कैबिनेट का हुआ गठन,प्राचार्य ने बच्चों को लक्ष्य के प्रति निष्ठावान बने रहने का दिया संदेशखबर के बाद हरकत में आया प्रशासन,माकड़ गांव के लिए अस्थायी सड़क बनाने को लेकर निरीक्षणसहकारी बैंक में करोड़ों रुपये की अनियमितता,एक आरोपी गिरफ्तारसीएम हेल्पलाइन में शिकायत के 15 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, कलेक्टर के संज्ञान में आते ही शुरू हुआ समाधान,वार्ड पार्षद ने जताया आभारजनपद पंचायत रामचंद्रपुर के नवनिर्मित व्यावसायिक परिसर की दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित
आस्थाकोरियागैजेट्सचिकित्साछत्तीसगढ़जशपुरटेक्नोलॉजीपत्थलगांवबलरामपुरलाइफस्टाइलसरगुजासीतापुरसुरजपुरस्वास्थ्य

सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों के लिए प्रशासन का संवेदनशील प्रयास,प्रभावित बच्चों और परिजनों को उपचार एवं देखभाल की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

सिकल सेल रोग के प्रभावी प्रबंधन के लिए रोगी सहायता समूह की बैठक आयोजित

बलरामपुर। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के नेतृत्व में जिले में सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, नियमित उपचार के प्रति जागरूक करने तथा आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा यूनिसेफ फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से जिला चिकित्सालय, बलरामपुर में रोगी सहायता समूह की बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में सिकल सेल से प्रभावित 51 बच्चों एवं 38 अभिभावकों सहित स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एकम फाउंडेशन सहित 104 प्रतिभागी शामिल हुए।

बैठक में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सिकल सेल रोग की समय पर पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच, उपचार, संक्रमण से बचाव, संतुलित पोषण, पूर्ण टीकाकरण तथा नियमित फॉलो-अप के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच एवं निरंतर उपचार से रोग के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम कर प्रभावित बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान किया जा सकता है। इस दौरान विवाह पूर्व सिकल सेल जांच के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

संवादात्मक सत्र में अभिभावकों ने बच्चों के उपचार एवं देखभाल से जुड़े अपने अनुभव और समस्याएं साझा की। विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक लैब जांच, रेफरल सुविधाओं तथा चिकित्सकीय परामर्श की जानकारी दी और नियमित उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की अपील की।

कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अनुज टोप्पो, डॉ. साकेत गुप्ता, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जायसवाल, डॉ. शांति नंदन, एनवीबीडीसीपी सलाहकार श्री दिव्य किशोर गुप्ता तथा बीपीएम श्री नेत्र प्रकाश सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को सिकल सेल रोग के प्रभावी प्रबंधन एवं शासन द्वारा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्रदान की।

Related Articles

Check Also
Close
error: Content is protected !!