September 19, 2026 |

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कलेक्टर ने बच्चों को पिलाई पोलियो की दो बूंद,एक भी बच्चा न छूटे के संकल्प के साथ तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू

693 बूथों पर शुरू हुआ पल्स पोलियो अभियान,29 व 30 जून को घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

सभी अभिभावक बच्चों को अवश्य पिलाएं पोलियो की खुराक- श्रीमती त्रिपाठी

बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अंतर्गत आज तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान-2026 का शुभारंभ किया गया। अभियान के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिला अस्पताल में स्वयं बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया तथा सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विजय सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ अनुज टोप्पो एवं स्वास्थ्य अमला मौजूद रहे।

इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों का स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले के सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि जन्म से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पल्स पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक खुराक अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें बूथों के साथ-साथ 29 एवं 30 जून को घर-घर जाकर भी छूटे हुए बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाएंगी। उन्होंने सभी नागरिकों से इस जनस्वास्थ्य अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

इसी क्रम में जिले में अभियान के अंतर्गत 693 पोलियो बूथों पर पल्स पोलियो की दवाई पिलाई गई।अभियान अंतर्गत राजपुर के ग्राम परसागुड़ी में अपर कलेक्टर श्री चेतन बोरघरिया द्वारा बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाया गया । वाड्रफनगर अस्पताल परिसर में तहसीलदार वाड्रफनगर एवं तहसीलदार रघुनाथनगर ने बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई। बस स्टैंड परिसर में सार्वजनिक स्थानों में भी पल्स पोलियो की दवाई पिलाई गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्ति का प्रमाण पत्र मिलना उपलब्धि है। तब से भारत 14 वर्ष से अधिक समय से पोलियो मुक्त है। परंतु विश्व स्तर पर वाइल्ड पोलियो वायरस का प्रसार अभी भी बच्चों को प्रभावित कर रहा है, जिससे रोग के पुनः संक्रमण का जोखिम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने में जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है और प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गौरतलब है कि कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक खुराक पहुंचाकर भारत को पोलियो-मुक्त बनाए रखना है। अभियान के अंतर्गत आज जिले के 693 पोलियो बूथों पर 1386 स्वास्थ्यकर्मियों एवं सहयोगी दलों द्वारा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। साथ ही 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाएंगी। अभियान के दौरान जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 लाख 07 हजार 731 बच्चों को प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न सहयोगी विभागों की संयुक्त टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी टीमों को बूथों पर निर्धारित समय तक उपस्थित रहकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने तथा घर-घर भ्रमण के दौरान छूटे हुए बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें दवा पिलाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की सतत निगरानी जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है।

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