
बलरामपुर। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा एवं पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर के मार्गदर्शन में जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-राहत (पीएम-राहत रोड एक्ससीडेंट विक्टिम होस्पिटलिजेसन एन्ड एसुरेड ट्रीटमेंट योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में पी एम राहत के अन्तर्गत जिले में प्रथम प्रकरण का पंजीयन एवं उपचार किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय में सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक का पीएम-राहत योजना के तहत उपचार किया गया। जिसके अंतर्गत जिले के ग्राम पिपराही निवासी श्री हेमंत मिंज, पिता श्री राजेश मिंज, उम्र 26 वर्ष अपने दोपहिया वाहन से गणेशमोड़ की ओर से आ रहे थे। इसी दौरान अज्ञात दोपहिया वाहन से उनकी टक्कर हो गई, जिससे उन्हें सिर में चोट आई। दुर्घटना के बाद घायल युवक को तत्काल जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां उन्हें पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पंजीबद्ध कर उपचार प्रारंभ किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशांक गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायल मरीज से मुलाकात की तथा उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित करते हुए मरीज का उपचार पीएम-राहत योजना के प्रावधानों के तहत प्राथमिकता के साथ करने को कहा और सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पीएम-राहत योजना के अंतर्गत कैशलेस उपचार की सुविधा :-
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की पीएम-राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने के पश्चात अधिकतम 7 दिनों तक या 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उनके उपचार में आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करना है।
जिला चिकित्सालय बलरामपुर में घायल मरीज का पंजीयन आयुष्मान भारत योजना के टी.एम.एस. पोर्टल में किया गया है तथा चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार लगातार किया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सड़क दुर्घटना के सभी घायलों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो



