November 2, 2026 |

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चिरायु योजना से 11 वर्षीय महंती को मिला नया जीवन, निःशुल्क सर्जरी के बाद हाथ फिर हुआ सक्षम

बलरामपुर। शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम डूमरपाठ की 11 वर्षीय महंती पहाड़ी कोरवा के चेहरे पर अब फिर से मुस्कान लौट आई है। विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय की यह बालिका माध्यमिक शाला पतराटोली में कक्षा छठवीं में पढ़ती है। कुछ वर्ष पूर्व आग से उसका एक हाथ झुलस गया था, जिससे हाथ की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई। लिखने-पढ़ने से लेकर रोज़मर्रा के कामों तक में उसे भारी कठिनाई होती थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण परिवार उसका उपचार नहीं करा पा रहा था।

स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम शंकरगढ़ ने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान महंती की समस्या को पहचाना। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी और जिला आरबीएसके नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में उसे विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया, जहां 03 सितंबर 2026 को चिरायु योजना के अंतर्गत उसकी निःशुल्क सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद महंती पूरी तरह स्वस्थ है। अब वह अपने दैनिक कार्य आसानी से कर पा रही है और पढ़ाई भी नियमित रूप से जारी है। बेटी को सामान्य जीवन में लौटते देख परिवार ने स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम का आभार जताया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों के हर बच्चे तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। समय पर पहचान और उचित रेफरल से महंती को बेहतर उपचार मिल सका। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में कोई भी स्वास्थ्य समस्या दिखने पर उसे नजरअंदाज न करें और चिरायु टीम की जांच में बच्चों का परीक्षण अवश्य कराएं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित चिरायु योजना में बच्चों की बीमारियों की पहचान कर निःशुल्क उपचार, विशेषज्ञ परामर्श और सर्जरी की सुविधा दी जाती है।

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